2019 का चुनावNews 

ओडिशा के पुरी से चुनाव लड़ने का मन बना रहे है मोदी

2019 का चुनाव केंद्र सरकार में बैठी हुई भारतीय जनता पार्टी के लिए ही नहीं बल्कि इस देश में जितने भी पार्टियां सभी के लिए महत्वपूर्ण है । 2019 के चुनाव में सभी पार्टियां अपने भविष्य को तलाश कर रही है । एक ओर कांग्रेस पार्टी जहां गठबंधन बना कर चुनाव लड़ने की कोशिश में है । दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी अपने रणनीतियों से चुनाव को फिर से जीतने की कोशिश कर रही है ।
2019 का चुनाव बात का भी सबूत होगा कि मोदी सरकार के पिछले 5 साल प्रधानमंत्री के रूप में किस प्रकार से थे और जनता ने  उसे कैसे स्वीकार किया ।
  सोमनाथ जी की धरती से आए हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बनारस से जीत प्राप्त करने के बाद नरेंद्र मोदी अब जगन्नाथपुरी का रुख करने वाले है । अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जगन्नाथ के पूरी से चुनाव लड़ते हैं और जीत जाते हैं तो वह नरसिम्हा राव के बाद ऐसे दूसरे प्रधानमंत्री होंगे जो भारत के पूर्वी प्रदेश से चुनाव लड़कर जीत हासिल करेंगे ।  गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने सन 1996 में पीएम रहते हुए चुनाव लड़ा था । नरसिम्हा राव ने उड़ीसा के बरहमपुर सीट से चुनाव लड़कर 62.5 वोट पाकर बड़े अंतर से से चुनाव को अपनी तरफ किया था ।
हाल ही में ओडिशा भारतीय जनता पार्टी की राज्य एक्स वीडियो की बैठक हुई इसमें स्मृति ईरानी के साथ-साथ धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए ।  इस बैठक में राज्य की राजनीतिक परिवेश के साथ साथ मोदी जी के पूरी से चुनाव लड़ने की संभावना होती जोरदार चर्चा हुई । राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ कि धरती से आकर काशी विश्वनाथ के धरती से चुनाव जीतकर अगर वर्तमान प्रधानमंत्री जगन्नाथ पुरी से लड़ते हैं तो यह भारत में रहने वाले लोगों के लिए एक सार्थक संकेत होगा । इसके साथ साथ भारतीय जनता पार्टी भारतीय जनता को सबका साथ सबका विकास सर्वजन सुखाय सर्वजन हिताय और पूरे देश को एक नजर से देखने के भाव को भी परिलक्षित करना चाहती है ।
2014 के आम चुनाव
2014 के आम चुनावों में बीजेपी को ओडिशा की 21 में से एक, पश्चिम बंगाल की 42 में से 2, तेलंगाना की 17 में से एक और आंध्र प्रदेश की 25 में से 2 सीटों पर जीत मिली थी। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के किस हिस्से से चुनाव लड़े कि वह जीत हासिल कर ले यह इस समय भारतीय जनता पार्टी को सोचने पर मजबूर कर रही है ।

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