माइकल देवव्रत पात्रा बने आरबीआई के डिप्टी गवर्नर
माइकल देवव्रत पात्रा आरबीआई : सरकार ने माइकल देवव्रत पात्रा को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने तीन साल के कार्यकाल के लिए उनके नाम को मंजूरी दे दी है।
माइकल देवव्रत पात्रा ने वायरल आचार्य का स्थान लिया है जिन्होंने जुलाई 2019 में पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले, माइकल देवव्रत RBI में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत थे। वह चार विभागों की देखरेख कर रहे थे, जिनमें सांख्यिकी और सूचना प्रबंधन विभाग, मौद्रिक नीति, आर्थिक और नीति अनुसंधान विभाग शामिल हैं।
माइकल पात्रा के बारे में
माइकल पात्रा का पूरा नाम माइकल देवव्रत पात्रा है। उन्होंने आईआईटी मुंबई से अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री हासिल की है। पात्रा आर्थिक विश्लेषण विभाग में एक सलाहकार थे जिन्हें आरबीआई में भेजे जाने से पहले तीन साल का अनुभव था । इससे पहले वह मौद्रिक नीति विभाग में कार्यकारी निदेशक के पद पर रह चुके हैं। वह मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्य भी हैं। पात्रा ने पिछली तीन नीतिगत बैठकों में अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती का समर्थन किया था।
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RBI के चौथे डिप्टी गवर्नर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वर्तमान में तीन डिप्टी गवर्नर हैं। ये तीन गवर्नर हैं – एनएस विश्वनाथन, बीपी कानूनगो और एमके जैन। शक्तिकांत दास आरबीआई के गवर्नर हैं। अपना कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले वायरल आचार्य ने इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने इसके पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया। यह अनुमान लगाया गया था कि अक्टूबर 2015 में आरबीआई के अतिरिक्त आरबीआई भंडार विभाग लेने के सरकार के प्रयासों के कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया। पात्रा वर्ष 1985 में रिजर्व बैंक में शामिल हुए और संगठन में कई पदों पर कार्य किया है। वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्र रहे है। उन्होंने हार्वर्ड में वित्तीय स्थिरता पर डॉक्टरेट अनुसंधान के बतौर आर्थिक एक्सपर्ट अपना करियर स्टार्ट किया। मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर बेहतर करना चाहती है ऐसे में पात्रा की भूमिका अहम हो जाती है।

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

