जानियें क्यों एकादशी में नहीं करने चाहिये ये कार्यKnowledge Lifestyle mythology 

जानियें क्यों एकादशी में नहीं करने चाहिये ये कार्य

एकादशी तिथि को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता हैं क्योंकि यह तिथि जगत के पालनहार श्री विष्णु की प्रिय तिथियों में से एक मानी जाती हैं। वहीं, आज यानी 13 अक्टूबर दिन मंगलवार के दिन परम एकादशी या परमा एकादशी का व्रत किया जा रहा हैं। मान्यताओं के मुताबिक कहा गया है कि इस एकादशी व्रत को करने से श्री विष्णु की कृपा प्राप्त होती हैं और इसके साथ ही दुर्लभ सिद्धियों की प्राप्ति भी होती हैं शास्त्रों में इसे सबसे श्रेष्ठ एकादशी कहा गया हैं।

शास्त्रों में है काम करने की मनाही

वहीं, एकादशी के दिन कुछ कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए शास्त्रों में कुछ कामों को करने की मनाही हैं। वरना व्यक्ति का जीवन कष्टों भरा हो जाता हैं तो आज हम आपको ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि परमा एकादशी के दिन किन इन कार्यों को नहीं करना चाहिए।

इस दिन नहीं करना चाहिये इसका सेवन

मान्यताओं के मुताबिक कहा गया है कि एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए ऐसा कहा जाता हैं कि इस दिन चावल का सेवन करने से जातक का जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता हैं। इस दिन जो लोग व्रत नहीं रखते हैं उन्हें भी चावल नहीं खाना चाहिए। वहीं एकादशी के पावन दिन पर मांस मंदिरा का भी सेवन नहीं किया जाता हैं। इस दिन ऐसा करने से जीवन में कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं।

इस दिन भगवान विष्णु का करना चाहिेए गुणगान

वहीं, अगर आप व्रत भी नहीं कर सकते हैं तो एकादशी के दिन सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। इस दिन महिलाओं का अपमान करने से व्रत का फल जातक को प्राप्त नहीं होता हैं। केवल एकादशी के दिन ही नहीं बल्कि व्यक्ति को किसी भी दिन महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। इस दिन भगवान वि​ष्णु का ही गुणगान करना उचित होता हैं। एकादशी के दिन क्रोध करने से भी बचना चाहिए वाद-विवाद से भी दूर रहना चाहिए।
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एकादशी तिथि को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता हैं क्योंकि यह तिथि जगत के पालनहार श्री विष्णु की प्रिय तिथियों में से एक मानी जाती हैं। वहीं, आज यानी 13 अक्टूबर दिन मंगलवार के दिन परम एकादशी या परमा एकादशी का व्रत किया जा रहा हैं।
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