कमल सखी में सांसदों की पत्नियों ने सीखे राजनीतिक गुण
लोकसभा 2019 की तैयारी मोदी सरकार के द्वारा जोरशोर तरीके से शुरू कर दी हैं । इसके लिए सरकार ने दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया । कमल सखी के नाम के इस कार्यक्रम में राजनीतिक गलियारों के बड़े बड़े दिग्गज अमित शाह , लाल कृष्ण आडवाणी , सुषमा स्वराज और स्मृति ईरानी मौजूद थी ।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि सांसदों की पत्नियों को राजनीतिक गुण सिखाना जिसका लाभ उन्हें आगामी चुनाव में प्राप्त हो सकें । कार्यक्रम के दौरान सांसदों ने महिलाओं को राजनीति के गुण व जन जन तक अपनी बात कों किस प्रकार पहुँचाया जाए इस पर गहन चर्चा की गई ।
सरकार आगामी चुनाव में अपने भविष्य को तलाश कर रही है । सरकार सांसद की पत्नियों के राजनीतिक कौशल को परखकर ग्रामीण व शहर के महिलाओं को मौजूद केंद्र सरकार के विकास के कार्यो को उन तक पहुँचाना है ।
कमल सखी कार्यक्रम के दौरान सांसदों की पत्नियों को बताया कि वह महिलाओं का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार के द्वारा चलाई जाने वाली योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना , प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना , प्रधानमंत्री जन धन योजना , कौशल विकास योजना के बारे में महिलाओं को बताए । वह इससे होने वाले लाभ को बताए जिससे भारत देश की आधी आबादी का मत केंद्र सरकार को मिल सके ।
सरकार के प्रवक्ता के द्वारा कमल सखी कार्यक्रम के बारे में कहना है कि इसकी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है कि सांसद की पत्नियां आगामी चुनाव में अपने राजनीतिक गुण को दिखाएं । यह एक कार्यक्रम था जिसमें सांसदों की पत्नियों को एक दूसरे से मेलजोल बढ़ाने का एक साधन था । इस तरह के कार्यक्रम पहले भी हुए हैं जिसमें लगभग 40 से 50 महिलाएं ही भाग लेती थी परंतु इस बार महिलाओं की संख्या बढ़ी है और काफी संख्या में महिलाएं कमल सखी कार्यक्रम में भाग लेने में दिलचस्पी रख रही हैं ।
कमल सखी कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्ण रुप से स्पष्ट है कि सांसदों के पत्नियों को राजनीतिक गुण सिखाकर जरूरत पड़ने पर उनके राजनीतिक कार्य क्षेत्र को बढ़ाया जाए तथा इसके साथ साथ ही वह घर पर रह कर कैसे चुनाव में मदद कर सकती हैं इस तथ्य को पूर्ण रुप से प्रयोग किया जाए ।

