कभी-कभी अकेलाFeatured Article हिन्दी लेख 

कभी-कभी अकेला लगता है …….

कभी-कभी अकेला लगता है यह सोचने में कि हमारे साथ तो बहुत लोग हैं लेकिन हम अकेला क्यों फील करते हैं ? अकेला फील करने की वजह यह है कि हम ऐकल्य होते हुए भी अकेलेपन को इंजॉय नहीं कर पाते.

अकेलेपन को एंजॉय ना कर पाने का सबसे बड़ा कारण यह है कि हम खुद को अच्छी तरीके से जानते नहीं. हम खुद को पूरी तरीके से स्वीकार नहीं करते है. हम पूरी तरीके से यह नहीं मानते हैं कि हम भी अपने आप में एक शख्सियत है, हम भी ईश्वर के बनाए हुए प्राणी है और हमारी अपनी विशेषता है.

अकेलापन वास्तव में बहुत सुंदर और मनोरम है .यदि उसका पूरी तरीके से लुत्फ़ उठा लिया जाए. यदि प्रसनजीत होकर उसको महसूस किया जाए तो मन आन्दन्दित हो जाता है. अकेलापन वही महसूस कर सकता है जिसने जीवन में अकेले होने का एहसास किया हो यदि कोई अपने आप में ही अकेला महसूस करें तो उसे ही पता है कि एकांतवास कितना प्रभावशाली और सुंदर है.

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कभी-कभी अकेला लगता है : जो अपनों के बीच ही अकेला महसूस करे तो वह अकेलापन नहीं बल्कि खालीपन में जी रहा है. जो अकेलापन महसूस करता है वह अपने आप में भी खुश रहता है, उसको कभी भी किसी की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि वह अपने आप को स्वीकार करता है, अपने आपकी इज्जत करता है और अपने आपसे प्यार करता है.

इसलिए उस अँधेरे में जाइये जहाँ अकेलापन आपका इंतज़ार कर रहा है. हर वक़्त उजाले में रहना भी आपको चीज़ों की अहमियत करना भुलवा देता है. उन ख़ामोशी भरे अकेलेपन के जंगलो में विचरने के लिए आगे बढ़िए तभी आपको जीवन को सही मायने में जीने का सलीखा पता चलेगा और बिना किसी सहारे के जीने में आप पूरी तरह से सक्षम हो जायेंगे.

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