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वायु सेना ने किया राफेल विमान का टेस्ट

राफेल विमान में भारतीय तकनीक को जोड़कर चौदह अप ग्रेडेशन किये गए है जिसे भारतीय वायु सेना के उच्च अधिकारियों ने फ्रांस में राफेल विमानों का परीक्षण कर बताया । देश मे एक तरफ राफेल विमान वाले मसले को लेकर जंग भी छिड़ी हुई है । यह जंग सितंबर 2016 में हुए राफेल डील जिसकी कुल कीमत  59,000 करोड़ थी । इसमें हुए घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस राजनीतिक गलियारों में आमने सामने है ।
भारतीय वायुसेना के जाने माने पायलट और सबसे पहले तेजस जैसे लड़ाकू विमान को उड़ाने वाले पायलट ने कहा कि राफेल विमान से भारत को आकाश में गजब की शक्ति और अभूतपूर्व क्षमता मिलने वाली है । फ्रांस में वायुसेना की एक टीम  जिसमे  पायलट्स और टेक्निकल ऑफिसर्स शामिल है फ्रांस के दौरे पर है । यह टीम लगभग 36 राफेल विमानों को भारतीय वायुसेना में शामिल करने वाली है ।
यह राफेल विमान अनेक प्रकार के नई तकनीकों से पूरी तरह से लैस है । इन विमानों का सौदा लगभग 7.8 यूरो में हुआ है । इसमें 14 अपग्रेड के साथ साथ परमाणु हथियार भी शामिल है । लगभग तेरह हज़ार करोड़ रुपये की लागत से इसमें रडार, लौ बैंड जैमर, इजराइली हेलमेट , ठंडे इलाको में इंजन स्टार्ट होने की क्षमता जैसे तकनीक अपग्रेड किये जाने है ।
बता दे कि भारत के पास रक्षा की दृष्टि से 31 फाइटर स्क्वाड्रन है मगर पाकिस्तान और चीन को मुँह तोड़ जवाब देने के लिए भारत को लगभग 42 फाइटर स्क्वाड्रन की जरूरत होगी ।
कांग्रेस ने इस रक्षा सौदे पर हमेशा ही प्रश्नचिन्ह खड़ा किया है और कहा है कि राफेल डील पूरी तरह से अ पारदर्शी है कांग्रेस ने कहा है की भाजपा सरकार ने अनिल अंबानी जैसे उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए रक्षा सौदे के नियमों को तोड़ा है ।
केंद्र में बैठे भाजपा सरकार विपक्ष के इस आरोप को पूरी तरह से खारिज करती हुई चली आ रही है भाजपा सरकार का कहना है कि हमने जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं किया है राफेल डील भारत देश और भारतीय वायु सेना के लाभ के लिए है हो ने कहा है कि कांग्रेस सरकार के समय हुए राफेल डील में 126 राफेल जेट को सौदे से हटाकर मध्यम मल्टी रोल कॉम्बेट एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट लाया गया है जो कि कम लागत में अधिक सुरक्षा और ताकत प्रदान करती है ।

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