भारतीय वायुसेना में चिनूक हैवी लिफ्ट हेलीकाप्टर की हुई एंट्री
भारतीय वायु सेना ने सोमवार को चंडीगढ़ में पहले चार 15 चिनूक हैवी लिफ्ट हेलिकॉप्टरों को शामिल किया।
एयर चीफ मार्श धनोआ ने किया चिनूक हेलीकाप्टर पर ब्रीफ
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने हेलीकॉप्टरों को फाॅर्स में शामिल किया जो अब उच्च ऊंचाई वाले स्थानों पर सैनिकों और मशीनरी को तैनात करने के लिए उपयोग किया जाएगा।
धनोआ ने कहा कि देश को कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हमें एक विविध इलाके में ऊर्ध्वाधर लिफ्ट क्षमता की आवश्यकता है। चिनूक को भारत-विशिष्ट संवर्द्धन के साथ खरीदा गया है, यह एक राष्ट्रीय संपत्ति है।
Air Chief Marshal BS Dhanoa: Chinook helicopter can carry out military operations, not only in day but during night too; another unit will be created for the East in Dinjan (Assam). Induction of Chinook will be a game changer the way Rafale is going to be in the fighter fleet. pic.twitter.com/TxJgJt8h5P
— ANI (@ANI) March 25, 2019
एयर चीफ मार्शल धनोआ ने कहा : चिनूक हेलीकॉप्टर न केवल दिन में बल्कि रात के दौरान भी सैन्य अभियानों को अंजाम दे सकता है; दिन्जन (असम) में पूर्व के लिए एक और इकाई बनाई जाएगी। चिनूक का इंडक्शन एक गेम चेंजर होगा जिस तरह से राफेल लड़ाकू बेड़े में शामिल होने जा रहा है।
भारत ने 2015 के सितंबर में, 15 चिनूक हेलीकॉप्टरों के लिए यूएस के साथ 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें से पहले चार अमेरिका से पिछले महीने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचे थे। यहां से उन्हें चंडीगढ़ ले जाया गया।
भारतीय वायु सेना ने सोमवार को चंडीगढ़ में पहले चार 15 चिनूक हैवी लिफ्ट हेलिकॉप्टरों को शामिल किया।
जानिये चिनूक हैवी लिफ्ट हेलीकाप्टर डील के बारे में
भारत ने 2015 के सितंबर में, 15 चिनूक हेलीकॉप्टरों के लिए यूएस के साथ 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें से पहले चार अमेरिका से पिछले महीने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचे थे। यहां से उन्हें चंडीगढ़ ले जाया गया।
भारत अब इन चिनूक हैवी लिफ्ट हेलीकॉप्टरों का उपयोग करने वाला दुनिया का 19 वाँ देश बन गया है जो उच्च ऊंचाई वाले परिवहन कार्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण हैं। लगभग 23,000 किलो तक वजनी माल ले जाने में सक्षम चिनूक हेलीकॉप्टर की अधिकतम गति 302 किमी प्रति घंटा है।
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ट्रांसपोर्ट-संबंधित संचालन के लिए इनका उपयोग करने के अलावा, चिनूक हेलीकॉप्टर का उपयोग सैन्य अभियानों के साथ-साथ बचाव अभियानों के लिए भी किया जा सकता है। चिनूक हैवी लिफ्ट हेलीकाप्टर से वास्तव में वायु सेना को बल मिलेगा खासकर उस जगहों पर जहाँ किसी अन्य हेलीकाप्टर का ऑपरेट करना मुश्किल हो तो ऐसे में जब पाक के युद्ध वाले हालात ही काबिज़ हो चिनूक हैवी लिफ्ट हेलीकाप्टर वास्तव में वायुसेना को बूस्ट करने का काम करते है|
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

