किन्नरों का अंतिम संस्कारFeatured Article Interesting हिन्दी लेख 

किन्नरों का अंतिम संस्कार क्यों नहीं देख सकता आम आदमी, जाने इसके पीछे की हकीकत आखिर क्या है

यूँ तो किन्नर भी इस दुनिया में एक इंसान के रूप में ही जन्म लेते है। मगर फिर भी उनका रहन सहन, उनका बोलना, उनका पहनावा, उनकी शारीरिक रूप रचना और उनकी मानसिकता आदि सब आम आदमी से काफी अलग होती है। यही वजह है कि जब किन्नरों का अंतिम संस्कार किया जाता है, तब उसमे कोई भी आम आदमी शामिल नहीं हो सकता। यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो आम आदमी उनका अंतिम संस्कार होते हुए नहीं देख सकता। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जहाँ एक तरफ आम आदमी का संस्कार रात के समय नहीं किया जाता।

किन्नरों का अंतिम संस्कार

किन्नरों का अंतिम संस्कार..

वही दूसरी तरफ किन्नरों का अंतिम संस्कार रात के समय ही किया जाता है। ताकि उन्हें कोई देख न सके। जी हां किन्नरों के रीती रिवाज के अनुसार उनका अंतिम संस्कार ऐसे ही किया जाता है। अब ये तो सब को मालूम ही है कि किन्नरों की दुआओ में कितना असर होता है। तभी तो अगर उनकी दुआ किसी को लग जाएँ तो उस व्यक्ति का कल्याण होना लाजिमी है। इसके इलावा किन्नरों के रीती रिवाज के अनुसार ऐसा माना जाता है कि अगर उनका अंतिम संस्कार होते हुए कोई आम आदमी देख ले, तो उन्हें दोबारा किन्नर के रूप में ही जन्म मिलता है।

यही वजह है कि अंतिम संस्कार से पहले मृत किन्नर के शरीर को पीटा जाता है, ताकि उन्हें दोबारा किन्नर के रूप में जन्म न लेना पड़े और उनके सारे पाप धुल जाए। यानि अगर हम साफ शब्दों में कहे तो किन्नर अपने अगले जन्म को संवारने के लिए ही रात के समय अंतिम संस्कार की विधि करते है और यह विधि आम आदमी से छुप कर ही की जाती है।

हमें उम्मीद है कि अब तो आप समझ गए होंगे कि किन्नरों का जीवन कितना मुश्किल और कठिनाईयों से भरा हुआ होता है। 

मानव जीवन से जुडी हुई और भी मजेदार और लेटेस्ट न्यूज़ अब केवल India Alive पर

Summary
किन्नरों का अंतिम संस्कार क्यों नहीं देख सकता आम आदमी, जाने इसके पीछे की हकीकत आखिर क्या है  India Alive
Article Name
किन्नरों का अंतिम संस्कार क्यों नहीं देख सकता आम आदमी, जाने इसके पीछे की हकीकत आखिर क्या है India Alive
Description
यही वजह है कि जब किन्नरों का अंतिम संस्कार किया जाता है, तब उसमे कोई भी आम आदमी शामिल नहीं हो सकता। यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो आम आदमी उनका अंतिम संस्कार होते हुए नहीं देख सकता।
Author
Publisher Name
India Alive
Publisher Logo

Related posts

Leave a Comment