केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर को मिल गया अपना पहला उपराज्यपाल
5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने के बाद जम्मू कश्मीर को दो भागों में बांट कर जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया था। घोषणा के बाद इसे 31 अक्टूबर 2019 से नए रूप में लागू किया जाना था। 31 अक्टूबर से जम्मू कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश आधिकारिक रूप से हो जाएंगे। ऐसे में जम्मू-कश्मीर को अपना पहला उपराज्यपाल मिल गया है।
भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर के पहले उप राज्यपाल के रूप में गिरीश चंद्र मुर्मू को नियुक्त किया है। गिरीश चंद्र मुर्मू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के काफी करीबी माने जाते हैं और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 2004 से ही काम कर रहे हैं। ऐसे में आइए हम जानते हैं कि आखिर क्यों गिरीश चंद्र मुर्मू को ही जम्मू कश्मीर के लिए चुना गया।
क्यों गिरीश चंद्र मुर्मू को ही बनाया गया पहला उपराज्यपाल ?
31 अक्टूबर से जम्मू कश्मीर का पहला उप राज्यपाल नियुक्त होने के बाद गिरीश चंद्र के सामने कई जिम्मेदारियां होंगी। गिरीश चंद्र उड़ीसा के सुंदरगढ़ से ताल्लुक रखते हैं। वह 1985 के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने उत्कल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में b.a. किया हुआ है। इसके अलावा उन्होंने विदेश में भी पढ़ाई की है।

2004 से ही वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम कर रहे हैं। गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें अपना सचिव नियुक्त किया था। इसके अलावा उन्हें गृह विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई थी। 2014 में केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद गिरीश चंद्र मुर्मू को व्यय विभाग के सचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई।
सामने होंगी कई चुनौतियां
जम्मू कश्मीर में अपनी जिम्मेदारियों को संभालने के बाद गिरीश चंद्र के पास आतंकवाद और अलगाववाद जैसी समस्याओं से जूझ रहे जम्मू कश्मीर को संभालने की समस्या होगी। इसके अलावा उन्हें अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद स्थानीय निवासियों को नियंत्रित करने की चुनौती होगी।
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