ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन उर्फ़ बोरिस मियां ने क्यों कहा – “मैं झूठा नहीं हूँ , मैंने रानी साहिबा से झूठ नहीं बोला”
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की उलझन : वाह रे बोरिस मियां ! जनाब वैसे तो ब्रिटिश प्रधानमंत्री है लेकिन बर्तानिया की सियासत ट्रम्प के इस अँगरेज़ भाई को शायद राज़ नहीं आ रही है। जब से पद सँभाला है तब से बोरिस बाबा का सामना ज्वलंत मुद्दे ब्रेक्सिट से ही हुआ है जिसके बाद तो उनके ऊपर अपने राजनीतिक भाई अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प से भी बड़ा फितूर सवार हो चुका है। अब पीएम भाईसाहब करें भी तो क्या ? कुछ पल्ले पड़ नहीं रहा और सत्ता है कि छोड़ नहीं सकते है इतने मुश्किल से प्राइम मिनिस्टर का पद जो मिला है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन मियां की दिक्कत क्या है ?
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गुरूवार को बोरिस मियां ने महामहिम रानी एलिज़ाबेथ से झूठ बोलने के संगीन आरोप को सिरे से ख़ारिज कर डाला जब उन्होंने ब्रेक्सिट मुद्दे के अगले चरण से पहले देश की संसद को ससपेंड करने की बात कर डाली।
असामान्य रूप से लंबे समय तक निलंबन – जिसे प्रोरोगेशन के रूप में जाना जाता है व्यापक रूप से 31 अक्टूबर को विपक्ष के नो- ब्रेक्सिट डील के विरोध को विफल करने के लिए एक सियासी कदम के रूप में देखा गया है और राजनीतिक स्पेक्ट्रम के साथ-साथ कानूनी चुनौतियों को उकसावा दे चुका है।
सरकार को बुधवार को संसदीय वोट के बाद अपने नो-डील ब्रेक्सिट आकस्मिक योजनाओं को जारी करने के लिए मजबूर किया गया था लेकिन विपक्ष ने सत्ता पक्ष इस पर जानकारी वापस लेने का आरोप लगाया है।
एक स्कॉटिश अदालत ने इस सप्ताह के पुरोधा आलोचकों के साथ पक्षपात किया, यह सत्तारूढ़ “गैरकानूनी” था और “स्टेमी संसद” का इरादा था।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने (ब्रिटिश पीएम) ने निलंबन के लिए अपने उद्देश्यों पर रानी एलिजाबेथ को गुमराह किया है, जो 14 अक्टूबर तक हाउस ऑफ कॉमन्स को बंद रखेगी इस पर जॉनसन ने कहा: “बिल्कुल नहीं”।
बता दें कि बोरिस जॉनसन सरकार ने स्कॉटलैंड की हाईएस्ट सिविल कोर्ट के बुधवार वाले फैसले के खिलाफ अपील की है और अब यह मामला ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट में अगले मंगलवार को सुना जाएगा, तब तक ब्रेक्जिट को लेकर बोरिस मियां और उनकी सरकार ब्रेक्सिट को लेकर जूझती रहेगी वहीं रानी एलिजाबेथ तो आराम फरमा रही है।

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

