CoranaVirus से प्रभावित हो सकती है सप्लाई चेन, सब्जियों और फलों के बढ़ सकते हैं दाम
इसमें कोई दो राय नहीं कि कोरोना वायरस की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में आवश्यक वस्तुओं की मांग पर काफी असर पड़ा है और महंगाई आसमान छूने लगी है। निश्चित रूप से यह सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है जिससे आम जनता को जूझना पड़ रहा है। सब्जियों और फलों की आपूर्ति पर इस महामारी का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। सप्ताह में 2 दिन मंदी का प्रभाव पूरे उत्तर भारत में सप्लाई चेन को काफी हद तक प्रभावित किया है।

सप्लाई चेन पर पड़ रहा असर
देश की राजधानी दिल्ली में फल और सब्जी की मंडियों से देश के अलग-अलग राज्यों में आपूर्ति की जाती है। आमतौर पर सबसे ज्यादा फलों की आपूर्ति हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड तथा महाराष्ट्र आदि जगहों से होती है। जबकि सब्जियों की आपूर्ति तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक से सबसे ज्यादा होती है। आसपास के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश से भी जिंसों की आपूर्ति की जाती है मगर देश की इस ताजा हालात को देखते हुए इस सप्लाई चैन पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है और सामान की आपूर्ति ना होने की वजह से इनके दाम आसमान छूने लग रहे हैं।
कोरोनावायरस की वजह ना सिर्फ सब्जी तथा फलों की आपूर्ति पर प्रभाव पड़ रहा है बल्कि अन्य वस्तुओं तथा व्यापार पर भी इसका काफी ज्यादा असर देखने को मिला है। हालांकि इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सरकार ने कुछ प्रतिबंध लगाएं हैं मगर आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई पर किसी तरह का रोक-टोक नहीं है। बावजूद इसके ट्रांसपोर्ट इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं, उनका यह कहना है कि ड्राइवरों तथा काम करने वालों की कमी की वजह से आपूर्ति पूरी नहीं की जा पा रही है।
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कोरोना का संक्रमण फैलने ना पाए इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिदायत दी है कि सभी लोग अपने अपने घरों में रहें और ठीक इसके बाद अचानक से ही सब्जियों की मांग सबसे ज्यादा बढ़ गई। जिसका असर प्याज, आलू और टमाटर पर देखने को मिला। उत्तरी राज्यों में प्याज का मूल्य पिछले साल के फरवरी या मार्च माह के मुकाबले तकरीबन ढाई गुना बढ़ गया जबकि आलू के दाम में दो गुना बढ़ोतरी हुई।

