चीन ने आतंकी मसूद अजहर को पर सुरक्षा परिषद् प्रस्ताव पर तकनीकी रोक के ज़रिये फिर से बचाया
पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख आतंकी मसूद अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का भारत का प्रयास विफल हो गया है। दरअसल, चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा दी है। यह चौथी बार है जब चीन ने संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर के लिए उदारता दिखाई है।
27 फरवरी को फ्रांस, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव संख्या 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति के तहत अजहर को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव किया गया था। प्रस्ताव वर्तमान में ‘अनापत्ति अवधि’ के अंतर्गत था और समिति के सदस्यों के पास प्रस्ताव पर आपत्तियाँ उठाने के लिए 10 कार्य दिवस थे। यह अवधि बुधवार (न्यूयॉर्क) में स्थानीय समयानुसार तीन बजे (भारतीय समयानुसार गुरुवार रात 12.30 बजे) समाप्त हुई।
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया पांचवा वनडे : 35 रनो से जीत कंगारुओं ने सीरीज पर जमाया कब्ज़ा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन एक वीटो-पावर सदस्य है, और इसलिए चीनी पक्ष पर सभी की नज़र थी, जिसने अतीत में संयुक्त राष्ट्र से अटनाकि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के भारत के प्रयासों को बाधित किया था। चीन इस बात पर जोर दे रहा था कि समाधान सभी को स्वीकार्य होना चाहिए।
यदि अल कायदा प्रतिबंध समिति के किसी सदस्य की ओर से कोई आपत्ति नहीं की जाती है, तो निर्णय स्वीकार किया जाएगा। इसका मतलब है कि आतंकी मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा चिह्नित वैश्विक आतंकवादी माना जाएगा। आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में चिह्नित करने के लिए पिछले 10 वर्षों में यह चौथा प्रयास था।
इस पहले अपने बयान के ज़रिये ही चीन से ज़ाहिर कर दिया था कि वह अपने लाडले मौलाना मसूद अज़हर को बचयायेगा जिस पर अमेरिका ने भी सख्ती दिखाते हुए कहा था कि यह किसी के भी पक्ष में नहीं है|
यूट्यूब प्रीमियम एवं यूट्यूब म्यूजिक आधिकारिक तौर पर हुआ भारत में लॉन्च
देश और दुनिया से जुडी हुई और भी मजेदार और लेटेस्ट न्यूज़ अब केवल India Alive पर

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy



