असम एनआरसी ड्राफ्टBreaking News News 

सुप्रीम कोर्ट ने एन आर सी मसले पर दिए महत्वपूर्ण आदेश

उसने असम एनआरसी मामले में  एक महत्वपूर्ण आदेश दिया । यह आदेश उन लोगों के लिए जारी किया गया है जो असम एनआरसी ड्राफ्ट से बाहर हो गए हैं सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि असम एनआरसी से बाहर हो गए व्यक्तियों की आपत्ती व दावे को स्वीकार किया जाए ।
असम एनआरसी के ड्राफ्ट से लगभग 4000000 व्यक्ति बाहर हो चुके हैं सुप्रीम कोर्ट की पीठ जिसमें जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस रंजन गोगोई ने यह आदेश दिया कि एन 4000000 व्यक्तियों के आपत्ती व दावे को अगले 7 दिनों के अंदर स्वीकार किया जाना चाहिए इसके लिए एक अभियान चलाया जाएगा जो कि 25 सितंबर से आरंभ होगा ।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अपने आदेश के बाद अपने वक्तव्य में कहा कि हमारा पूर्ण रूप के बहुमत से मानना है कि  असम एनआरसी ड्राफ्ट ो कि जुलाई में प्रकाशित की गई थी इस मसौदे में विशेष  रूप से शामिल करने और आपत्ति दाखिल करने के दावे के समर्थन किया गया है । हमारा मानना है कि हमें इस मसौदे पर विशेष रूप से बल देना चाहिए ।
पीठ ने अपने बात को पूर्ण रूप से स्पष्ट करते हुए कहा कि इस मसले में व्यक्तियों का परिमाण बहुत ही ज्यादा है जिसके वजह से हमें यह निर्णय लेना पड़ा है और दूसरा अवसर प्रदान किया जा रहा है पीठ इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि इस मामले पर विचार 23 अक्टूबर के बाद किये जाने का निर्णय लिया गया है ।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण में नाम शामिल कराने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के बारे में बताने के लिए केंद्र सरकार को कहा है । उन्होंने केंद्र से दस्तावेजों की स्वीकार्यता और अस्वीकार्यता के बारे में असम एन आर सी के समन्वयक प्रतीक हेजला से भी उनकी महत्वपूर्ण राय पूछी है ।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने बताया कि असम एन आर सी से जूड़ा हुआ पहला मसौदा 31 दिसंबर औऱ एक जनवरी को प्रकाशित हुआ था जिसमे लगभग दो करोड़ लोगों ने अपना पंजीकरण कराया था ।

Related posts

Leave a Comment