ऑस्ट्रेलिया के चिड़ियाघर में ऑस्ट्रेलिया के चिड़ियाघर में पैदा हुआ एक अनोखा बंदर
मानव अपने लालच में इतना अंधा होता जा रहा है कि वह पूरी प्रकृति को समाप्त करने की ओर अग्रसर है। यही कारण है कि दुनिया के ऐसे जीव जो अपने आप ने आश्चर्य से भरे हुए हैं। वह अब धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर हैं। जंगलों में पाई जाने वाली कई प्रजातियां अब तक विलुप्त हो चुकी हैं तो कुछ विलुप्त होने की कगार पर हैं। इसी तरह विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके फ्रांक्वा लंगूर ऑस्ट्रेलिया घर के चिड़ियाघर में जन्म लिया है।
एक समय फ्रांक्वा लंगूर की संख्या अच्छी खासी हुआ करती थी मगर शिकारियों के कारण या धीरे-धीरे समाप्त होकर केवल चीन के दक्षिणी पश्चिमी हिस्से और वियतनाम के उत्तर-पूर्वी हिस्से तक सिमट कर रह गए। ऑस्ट्रेलिया में यह चिड़ियाघर सिडनी में स्थित है।
ऑस्ट्रेलिया के चिड़ियाघर में है खुशी का माहौल

इस अनोखे प्रजाति के बंदर के पैदा होने पर आस्ट्रेलिया के चिड़ियाघर में खुशी का माहौल है। चिड़ियाघर के वरिष्ठ संचालक ने बताया कि इस तरह के बंदर को जन्म लेना देखना एक बहुत ही रोचक बात है। दुनिया में इनकी संख्या केवल 3000 तक रह गई है। बचपन में इस लंगूर के बाल लाल होते हैं। उसके बाद धीरे-धीरे यह एकदम काले हो जाते हैं। इनके बाल सिल्क की तरह मुलायम होते हैं। अभी फ्रांक्वा लंगूर प्रजाति के इस नए जन्मे लंगूर का नामकरण नहीं किया गया है।
शोध में हुए हैं इस तरह के खुलासे
इस प्रजाति के लंगूर पर किए गए शोध के बाद यह पता चला है कि यह अपना ज्यादा समय सोने और भोजन करने में बिताते हैं। शोध में यह पता चला कि भोजन में या बंदर 50% से अधिक प्रतियां खाते हैं। उसके अलावा यह फल बीज कई तरह के पौधों की जड़े खाते हैं। चीन के ग्वांगझू प्रांत में 1980 से लेकर अब तक इनकी संख्या में 90 फ़ीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है। ऑस्ट्रेलिया के चिड़ियाघर में एक बार फिर से इसकी संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा सकता है।
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