इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला, डीजे बजाने पर होगा जुर्माना और जेल
आपने अक्सर सभी धर्मों के धार्मिक अवसरों पर अक्सर शहर के अंदर डीजे तेज आवाज में बजते हुए सुना होगा। भले ही लोगों को इससे परेशानी होती हो मगर धार्मिक त्यौहार होने के कारण लोग इस तरह के ध्वनि प्रदूषण को रुकवाने का प्रयास भी नहीं करते। सावन का महीना आते ही सड़कों पर कावड़िए तेज आवाज में डीजे बजाते हुए चलते हैं। तो वहीं अन्य मुस्लिम त्योहारों पर भी दिल खोलकर तेज आवाज में डीजे बजाया जाता है। मगर इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला डीजे बजाने वालों के लिए एक बहुत ही बड़ी मुसीबत लेकर आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला देते हुए कहा है कि अब से यदि कोई तेज आवाज में डीजे बताता है तो उसे 5 साल की सजा और ₹1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जिस इलाके में ऐसी घटना होगी उसकी जवाबदेही थाना इंचार्ज की होगी।
भारी पड़ेगा इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट अपने फैसले पर काफी सख्त नजर आया न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण कानून का उल्लंघन सभी व्यक्तियों के मूल अधिकारों का उल्लंघन है। ध्वनि प्रदूषण के कारण बुजुर्गों महिलाओं और बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अस्पताल के मरीजों को भी इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। इसलिए सभी डीएम टीम बनाकर ध्वनि प्रदूषण करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही करें। हाई कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि धार्मिक त्योहारों से पहले डीएम और एसपी टीम बनाकर कानून का पालन करने के लिए लोगों को बाध्य करें।
देना होगा भारी जुर्माना और हो सकती है जेल
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर 5 साल की सजा और ₹100000 तक के जुर्माने का प्रावधान रखा है। इससे शहर में धार्मिक त्योहारों के अवसर पर तेज आवाज में डीजे बजाने वालों की संख्या में कमी आएगी।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



