दिल्ली की आबोहवा फिर से हुई ख़राब
दिल्ली की आबोहवा एक बार फिर से खराब हो गयी है । इसका प्रमुख वजह यह है कि पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा पराली को जलाया जाना । जिसके वजह से दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वॉलिटी खराब होने की आशंका काफ़ी ज्यादा बढ़ गयी है ।
केंद्र ने हवा की गुणवत्ता की जाँच के लिए , गुणवत्ता का पूर्व अनुमान करने वाला नया फोरकास्ट सिस्टम लॉन्च किया है । इस यंत्र की खाशियत यह है कि यह यंत्र आने वाले तीन दिनों में हवा कैसी रहेगी इसका पूर्वानुमान लगा सकता है । गौरतलब है कि इस यंत्र से दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, गाजियाबाद और रोहतक की हवा भी चेक की जाएगी ।
केंद्र सरकार के इस नए पहल से जहां लोगों को खराब हवास से स्थिति से दो चार होने से मुक्ति मिलेगी वही दिल्ली में स्थापित एजेंसी को इस समस्या के विकराल रूप लेने से पहले महत्वपूर्ण कदम उठाने में मदद मिलेगी । इसके साथ-साथ एजेंसियों को पर्यावरण से संबंधित चेतावनी जारी करने में भी सहूलियत मिलेगी । यह यंत्र लगभग 3 दिनों तक की एयर क्वॉलिटी का पूर्वानुमान कर सकती है और यह सीरियल टाइम डेटा पर कार्य करती है ।
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली और एन सी आर में एक आपातकालीन योजना ग्रेड एड्रेस कनेक्शन प्लान लागू किया गया है । इस के द्वारा सड़कों के सफाई के लिए मशीनों की सहायता ली जाएगी और ऐसे क्षेत्र जहाँ भीड़भाड़ वाले इलाके है ऐसे इलाको में पुलिस की व्यवस्था करना । अनुमिता रायचौधरी जो कि उच्चतम न्यायालय से अधिकार प्राप्त पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण की एक सदस्य है उन्होंने इस बारे में बताया कि जी आर पी एक्शन के तहत स्वयं और पब्लिक दृष्टिकोण से जनरेटर के प्रयोग पर पाबंदी लगाई है । ऐसे क्षेत्र जहाँ पर बिजली की आपूर्ति अच्छी नहीं है । वहां पर जनरेटर के प्रयोग पर पाबंदी नहीं लगाई जाएगी ।
गौरतलब है कि नए फोरकास्ट सिस्टम लॉन्च होने से सेंट्रल पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड ने वे , गाजियाबाद , दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में अलग-अलग जगहों का 72 घंटों का पूर्वानुमान अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है। इसमें एयर क्वॉलिटी इंडेक्स के साथ स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित असर के बारे में चेतावनी भी दी गयी है ।

