दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति हुई गंभीर
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति आती गंभीर स्थिति में पहुंच जाने के कारण पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण प्राधिकरण ने हेल्थ एजेंसी घोषित कर दी है। वर्तमान समय में दिल्ली के कई इलाकों में गैस का चैंबर बन गया है।
जिसे कारण वहां के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति और सचेत रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही वहां के स्थानीय इलाकों में तमाम तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदूषण से प्रभावित राज्यों जैसे दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर सभी पर प्रतिबंधों पर अमल करने को कहा गया है।
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5 नवंबर तक दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निर्माण कार्यों पर रोक लगी रहेगी।
साथ ही गाजियाबाद नोएडा ग्रेटर नोएडा सोनीपत पानीपत बहादुरगढ़ और भिवाड़ी में उर्जा संयंत्रों को छोड़कर सभी कोयला आधारित और गैर-पीएनजी औद्योगिक इकाइयां बंद रहेंगी। दिल्ली-एनसीआर के सभी शहरों में हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रेशर के परिचालन पर भी रोक लगा दिए गए हैं।

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर चरम पर बढ़ जाने के कारण वहां के स्थानीय लोगों को कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष तौर पर दमा और एलर्जी से पीड़ित मरीजों की समस्याएं इन दिनों काफी बढ़ गई हैं। वायु में फैली हुई जहरीली गैस से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती हैं। इसलिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा घरों में रहने की सलाह दी गई है।
प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण प्राधिकरण ने सभी राज्यों में प्रदूषण बढ़ने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर सख्ती बरतने निगरानी बढ़ाने धूल उड़ने से रोकने और कचरा जलाने की घटनाओं पर पूर्ण अंकुश लगाने को कहा है। आपको बता दें कि जब हवा में पीएम 2.5 और pm 10 सहित सभी प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ने से हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति तक पहुंच जाता है।

