कविता शायरी 

होली

ओरी होरी! भेज संदेशा,
बोल पिया को जल्दी आयें।
तेरा नीला-पीला रंग क्या मोहेगा,
मोहे तो पिया का रंग ही भाये।

पिया का रंग गहरा है इतना,
छोड़-छुड़ावै ना छूटेगा।
तेरा गहरा रंग भी ढल जाएगा,
पिया के आगे कुछ न टिकेगा।

जो रंग दे तू मेरे अंग को रंग में,
धो दूंगी जल से पल में।
पर पिया के रंग को कैसे धोदूँ,
जो रचा हुआ है अंतर्मन में।

ओरी होली! आजा रंग दे,
थोड़ा अपने रंग में रंग ले।
देख पिया जिससे जल जायें,
भागे-भागे घर को आयें।

बिन सजना! हर रंग है फीका,
का नीला का पीला टीका।
तड़प पियारी पिय को बुलाये,
बिन उनके कुछ रास ना आये।

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2 Thoughts to “होली”

    1. Jivnesh tyagi

      ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ apne piya se itna pyaar ?

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