शायरी 

जब  छुती है तुम्हारी नजर हमे  || शायरी 

जब  छुती है तुमहारी नज़र  हमे                             

तो जी  करता है यही रूक  जए  ए  लमहा             

ए  एहसास  है  एसा  की  दिल  भी  न  जाने 

फिर  भी दिल  इस  एहसास मे खो  जाता  है

 

रूक  जए  ए  लमहा

जी लेने दे मुझे इस लमहे  को

खो जाने दे इस पल  मे

जहा सिरफ  धडखनो  की आहट हो

 

दूर  होकर  भी  पास हो

याद नहीं  एहसास  हो

तारे  नहीं  आसान मे चाँद  हो

दिल  मे  नहीं  दिल की हर  धढकन मे तुम  हो

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