अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना के बाद से रुकी पैदल यात्रा, पढ़िये पूरी खबर
जम्मू कश्मीर में शुक्रवार के दिन पवित्र अमरनाथ गुफा के पास अचानक बादल फटने की घटना घटित हो गई। जहां इस घटना के बाद से कई यात्रियों के लापता होने की खबर मिल रही है। वहीं, इस घटना के बाद से यात्रा को अभी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। वहीं, भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि कि अमरनाथ गुफा के पास मलबा हटाने का काम और जो लोग लापता है उनकी तलाश तेज कर दी गयी है। दरअसल, सेना की दो बचाव टीम और अन्य विशेषज्ञ दल पवित्र गुफा में पहुंच चुके हैं।
मदद में लगे सेना के हेलीकॉप्टर
जानकारी के अनुसार बचाव अभियान के लिए सेना के हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। हालांकि, बीएसएफ के एमआई 17 हेलिकॉप्टर को भी मृतकों के शवों को उनके घरों तक पहुंचाने तथा घायलों को आगे के इलाज के लिए नीलगढ़ हेलीपैड / बालटाल से बीएसएफ कैंप श्रीनगर तक हवाई परिवहन के लिए लगाया गया है। आपको बता दें कि बाढ़ के कारण अमरनाथ पवित्र गुफा क्षेत्र के पास फंसे अधिकांश यात्रियों को पंजतरणी में स्थानांतरित कर दिया गया है।
इतने हजार यात्रीयों को निकाल लिया गया सुरक्षित
दरअसल, आईटीबीपी के अधिकारियों ने बताया कि लोगों को निकालने का काम तड़के 03.38 बजे तक जारी रहा। यात्रा मार्ग पर कोई यात्री नहीं बचा है तथा अब तक करीब 15,000 लोगों को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया है। वहीं, शुक्रवार के दिन शाम करीब साढ़े पांच बजे अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गयी। जहां घटना के बाद अचानक आयी बाढ़ से बालटाल में आधार शिविर में तीन सामुदायिक रसोई और कम से कम 25 तंबुओं के बह जाने से करीब 40 लोगों के लापता होने की खबर मिल रही है।

