CAA के सर्मथन में PM मोदी ने शुरू किया #IndiaSupportsCAA ट्विटर कैंपेन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन ऑनलाइन कैंपेन की शुरुआत की है। #IndiaSupportsCAA हैशटैग से पीएम मोदी ने कैंपेन की शुरुआत करते हुए लिखा ‘सीएए का सर्मथन भारत करता है, क्योंकि सीएए सताए गए शरणार्थियों को नागरिकता देने के बारे में है। यह किसी की नागरिकता लेने के बारे में नहीं है। नमो ऐप पर सीएए से जुड़े कई दस्तावेज, वीडियो और कंटेंट हैं। आप इसके समर्थन में अभियान चलांए’।
हिंसा करने वालों का रास्ता कितना सही
पीएम मोदी ने सीएए के खिलाफ हिंसा करने वालों से कहे चुके हैं कि ऐसे लोगों को खुद से सवाल पूछना चाहिए कि क्या उनका रास्ता सही है। 25 दिसंबर को लखनऊ में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, “ सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन में जिस सार्वजनिक संपत्ति को उन्होंने तोड़ा, क्या वह उनके परिवार के काम नहीं आती? इस तरह अफवाहों पर हिंसा करने से उनका खुद का ही नुकसान है। जो इस प्रकार की हिंसा कर रहे है, उनको खुद से पूछना चाहिए कि क्या उनका रास्ता सही है।“
Do hear this lucid explanation of aspects relating to CAA and more @SadhguruJV.
He provides historical context, brilliantly highlights our culture of brotherhood. He also calls out the misinformation vested interest groups. #IndiaSupportsCAA https://t.co/97CW4EQZ7Z
— Narendra Modi (@narendramodi) December 30, 2019
#IndiaSupportsCAA भारत सीएए का सर्मथन करते है- पीएम
मोदी ने कहा, “ऐसे लोग जो लंबे समय से नागारिकता न मिलने के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे थे। उन्हें नए कानून (सीएए) के तहत नागरिकता प्रदान की है। हम 2014 से ही चुनौतियों को चुनौती दे रहे हैं।“ उन्होंने कहा था कि देश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं पाने का हक है, लेकिन उनका संरक्षण करना भी उनकी जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भविष्य में हमारा मूल्यांकन दो बातों से होगा। पहली बात कि विरासत मे मिली समस्याओं को हमने कैसे सुलझाया और दूसरी राष्ट्र के विकास के लिए हमने अपने प्रयासों से कितनी मजबूत नींव रखी है। हमें विरासत में अनुच्छेद 370 मिला। उसे हमने हटाया और बहुत आसानी से ऐसा कर दिखाया।
A dreamer who understands the power of words and tries best to produce content with utmost responsibility and conviction, so that it serves its every purpose for everyone.


