सरकार ने की सार्वजनिक बैंकों का विलय करने की घोषणा
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश की अर्थव्यवस्था की हालत को सुधारने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है। 30 अगस्त को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के 10 सार्वजनिक बैंकों का विलय करने की घोषणा की। इस विलय के बाद चार बड़े बैंक अस्तित्व में आएंगे। इसके साथ सार्वजनिक बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी।
वर्तमान समय में भारतीय स्टेट बैंक भारत का सबसे बड़ा बैंक है। मगर इस विलय के बाद भारतीय स्टेट बैंक के बाद पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा।
कुछ इस तरह किया जाएगा सार्वजनिक बैंकों का विलय
देश के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सरकारी बैंकों का विलय होने के बाद देश में सार्वजनिक बैंकों की संख्या 27 से घटकर केवल 12 रह जाएगी। पंजाब नेशनल बैंक में यूनाइटेड बैंक और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का विलय किया जाएगा। सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक में किया जाएगा। वहीं इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में किया जाएगा।

वित्त सचिव राजीव कुमार ने बताया कि इन बैंकों के विलय के बाद इनमें पूंजी की कोई कमी नहीं होगी। पिछले हफ्ते ही वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि सार्वजनिक बैंक में सरकार 70000 करोड़ रुपए डालेगी। ताकि लोगों को लोन आसानी से उपलब्ध हो पाए और बैंकों का एनपीए भी कम हो जाए। ताकि बैंकों को लोगों को लोन देने में किसी भी तरह की समस्या ना हो और अर्थव्यवस्था पटरी पर रहे।
सरकार ने हाल ही में किए हैं और भी कई विलय
भारत सरकार ने इस वर्ष विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय किया था। इसके अलावा उसने भारतीय स्टेट बैंक में उसके पांच सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक का भी विलय किया था। सरकार ने यह भी घोषणा की कि यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक पहले की तरह ही काम करते रहेंगे।
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