नक्सलियों ने बताई छत्तीसगढ़ के सुकमा में हमले की वजह
छत्तीसगढ़ के सुकमा हमले के बाद गुरुवार को माओवादियों की ओर से एक ऑडियो क्लिप के जरिए बयान जारी किया गया है. इस क्लिप में माओवादियों के प्रवक्ता विकल्प ने कहा है कि नक्सलियों ने यह हमला सुरक्षा बलों की ओर से की जा रही कार्रवाई के विरोध में किया है. माओवादियों का कहना है कि पिछले साल छत्तीसगढ़ में मारे गए 9 माओवादियों और फिर ओडिशा में कथित रूप से 9 ग्रामीणों समेत कुल 21 लोगों के मारे जाने के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है.
नक्सलियों ने कहा है कि यह हमला भेज्जी में पिछले 11 मार्च को किए गए हमले की ही एक और कड़ी है. इस साल वह सुरक्षा बलों को परास्त करेंगे. सोमवार को सुकमा के चिंतागुफा के पास किए गए हमले में माओवादियों ने सीआरपीएफ के 25 जवानों को मार दिया था.
अपने करीब 6 मिनट के ऑडियो बयान में माओवादी प्रवक्ता ने सुरक्षा बलों के शव क्षत-विक्षत किए जाने का खंडन किया है. हमले के बाद घटनास्थल पर मीडिया से बात करते हुए सीआरपीएफ के डीआईजी ने कहा था कि जवानों के शवों को क्षत-विक्षत किया गया और डिफाइल किया गया, लेकिन नक्सलियों ने इस तरह की कार्रवाई से इनकार किया और कहा कि वह शवों का अपमान नहीं करते. पिछले 2 महीने के भीतर माओवादी बस्तर में सीआरपीएफ के 37 जवानों को मार चुके हैं.

