सुप्रीम कोर्ट पत्रकार प्रशांत कनौजिया आदेशBreaking News Featured Article News politics 

अयोध्या मामले पर मध्यस्थता का नहीं निकला कोई नतीजा, अब रोजाना होगी सुनवाई

करीब दो दशक से भी ज्यादा समय से हिंदू और मुसलमानों के बीच लंबित अयोध्या बाबरी मस्जिद की मध्यस्थता करने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट ने कुछ महीनों पहले 3 लोगों की एक समिति को सौंपी थी। मगर आज 2 अगस्त को इस पैनल ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जिसमें यह बताया गया है कि अयोध्या मामले पर मध्यस्थता का कोई भी नतीजा नहीं निकल पाया है। जिसके बाद से सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब 6 अगस्त से अयोध्या मामले की नियमित सुनवाई की जाएगी। जब तक इसकी सुनवाई पूरी नहीं हो जाती। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक हफ्ते में 3 दिन नियमित रूप से अयोध्या मामले की सुनवाई की जाएगी। यह सुनवाई मंगलवार बुधवार और गुरुवार के दिन होगी।

सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट

दरअसल 18 जुलाई को रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यों की संवैधानिक पीठ ने कहा था कि पूर्व न्यायमूर्ति कलीमुल्लाह की अध्यक्षता वाली समिति मध्यस्थता की प्रक्रिया को जारी रखेगी और 1 अगस्त तक वह अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। मध्यस्थता समिति बनाते समय ही सुप्रीम कोर्ट ने यह कह दिया था कि यदि समझौते से कोई हल नहीं निकलता है तो अयोध्या मामले की सुनवाई लगातार नियमित रूप से की जाएगी। जब मध्यस्था पैनल ने रिपोर्ट सौंपी तो यह सामने आ गया कि समझौते का कोई हल नहीं निकला है। जिसके बाद रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने यह तय किया है कि 6 अगस्त से अब नियमित रूप से अयोध्या मामले की सुनवाई की जाएगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अयोध्या मामले पर मध्यस्थता के लिए बनी समिति में पूर्व न्यायमूर्ति कलीमुल्लाह के अलावा आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर प्रसाद तथा वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू शामिल थे। कई हिंदू पक्षकारों का कहना है था कि समझौते के जरिए इस मसले का कोई भी हल नहीं निकल सकता। आपको बता दें कि यह मामला पिछले 9 सालों से कोर्ट में लंबित पड़ा हुआ है।

 

Summary
अयोध्या मामले पर मध्यस्थता का नहीं निकला कोई नतीजा, अब रोजाना होगी सुनवाई
Article Name
अयोध्या मामले पर मध्यस्थता का नहीं निकला कोई नतीजा, अब रोजाना होगी सुनवाई
Description
कुछ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले पर मध्यस्थता का किया गया प्रयास असफल रहा है इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में नियमित सुनवाई की जाएगी।
Author
Publisher Name
India Alive
Publisher Logo

Related posts

Leave a Comment