क्या अभिनेत्री जायरा वसीम का एक्टिंग छोड़ने का कारण बेवकूफी भरा है ?
इन दिनों देश में अभिनेत्री जायरा वसीम की चर्चाएं जोरों पर हैं। इसका कारण यह है कि 2 दिनों पहले इस अभिनेत्री ने बॉलीवुड की दुनिया से अपने कदम पीछे खींच लिए। अपने इस कदम के पीछे उसमें फेसबुक पर पोस्ट लिखकर एक लंबा-चौड़ा कारण बताया। जिसके बाद बॉलीवुड गलियारों में कानाफूसी शुरू हो गई है। जायरा वसीम बॉलीवुड में दंगल गर्ल के नाम से जानी जाती हैं। फिल्म दंगल से उन्हें बॉलीवुड में काफी पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने आमिर खान की फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार में भी एक अहम किरदार निभाया था। ऐसे में अभिनय की दुनिया में सफलता पाने के बाद अचानक अभिनय की दुनिया को छोड़ देना एक बहुत ही आश्चर्यजनक फैसला था। अभिनय करना ना करना किसी का व्यक्तिगत फैसला हो सकता है मगर उसके पीछे जो कारण बताया गया वह कुछ लोगों को खटक रहा है।
क्या जायरा वसीम द्वारा बताया गया कारण एक बेवकूफी है?
बॉलीवुड में एक्टिंग छोड़ने को लेकर अभिनेत्री जायरा वसीम ने जो कारण बताया उसने पहली बार तो सबको हैरान कर दिया। दरअसल इस अभिनेत्री ने फेसबुक पर अपने एक्टिंग छोड़ने के कारण से संबंधित एक पोस्ट लिखी थी। जिसमें यह लिखा गया था कि बॉलीवुड में अपार सफलता पाने के बाद भी उन्हें अपने मन के अंदर संतुष्टि नहीं मिल पा रही थी। उन्हें ऐसा लगने लगा था कि वह अपने इस काम के कारण अल्लाह और अपने ईमान से दूर हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह नाम और पैसा तो पा रही हैं मगर इस काम के कारण वह अल्लाह के प्रति अपने ईमान को नहीं बचा पा रहे हैं।
हमारे देश में अभिनय के क्षेत्र में ऐसे कई मुसलमान हैं। जिन्होंने अपनी सफलता से दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। बॉलीवुड के तीनों खान सलमान खान शाहरुख खान और आमिर खान मुसलमान हैं। इसके अलावा यदि महिला मुसलमान कलाकारों की बात करें तो उसमें भी मधुबाला वहीदा रहमान शबाना आज़मी जरीन खान के अलावा ऐसे कई बॉलीवुड अभिनेत्री हैं। जिन्होंने मुसलमान होने के बावजूद अपने धर्म और अपने काम दोनों के बीच सामंजस्य बिठाकर एक मिसाल पेश की। जायरा वसीम द्वारा बताया गया यह कारण है कि एक्टिंग करने के कारण वह अल्लाह से दूर हो गई हैं। ऐसा लगता है जैसे किसी ने उन पर दबाव बनाकर जबरदस्ती उनसे ऐसा करवाया हो। खैर एक्टिंग छोड़ना ,ना छोड़ना तो उनके ऊपर निर्भर करता है मगर उनके द्वारा बताया गया कारण किसी को भी ठीक से समझ में नहीं आ रहा।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



