बिहार में एनडीए की जीत को नीतीश कुमार ने बताया जनता की जीत
बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने मिलकर चुनाव लड़ा था। यहां पर भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। एनडीए ने बिहार में काफी सीटें जीतीं। बीजेपी और जदयू का यह साथ कुछ समय पहले का ही है। मगर नीतीश कुमार अब एनडीए के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हुए नजर आ रहे हैं। भले ही जदयू के किसी चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह ना दी गई हो मगर फिर भी जदयू प्रमुख नीतीश कुमार बीजेपी की सरकार और नरेंद्र मोदी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। हाल ही में मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने बिहार में एनडीए की जीत को जनता की जीत बताया है।
एनडीए की जीत बिहार की जनता की जीत है
हालांकि केंद्रीय मंत्रिमंडल में केवल 1 सीट मिलने के कारण जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ता और ऊपरी खेमा बीजेपी से नाराज नजर आया। पटना पहुंचे नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि बिहार में एनडीए को मिली जीत किसी चेहरे की जीत नहीं है। बल्कि यह बिहार की जनता की जीत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अब जदयू केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी। बल्कि मजबूती से एनडीए के साथ बाहर से ही बनी रहेगी। उन्होंने कहा एनडीए में बने रहने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होना आवश्यक नहीं है। बल्कि बाहर से भी समर्थन दिया जा सकता है। हमने अपना लिखित पत्र राष्ट्रपति को सौंप दिया है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि बिहार में हम मिलकर लड़े। जनता ने भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिया। इसलिए यह बीजेपी तय करेगी कि उन्हें अपने सहयोगियों को किस तरह रखना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में मिलने वाली सांकेतिक भागीदारी पर नीतीश कुमार ने कहा कि हम अपनी संख्या के हिसाब से केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह चाहते थे जो कि हमें नहीं मिली। इसके बावजूद हमारा समर्थन एनडीए के साथ बना रहेगा।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।

