जम्मू की रैली में गौतम गंभीर ने महबूबा मुफ्ती के ऊपर जमकर बोला हमला
क्रिकेट के मैदान पर बल्ले से गेंदबाजों के छक्के छुड़ा देने वाले गौतम गंभीर अब राजनीतिक पारी खेलने के लिए भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुके हैं। जबसे वाह राजनीति में आए हैं तब से वह राजनीतिक क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहते हैं। गौतम गंभीर और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बीच कई बार टि्वटर जंग हो चुकी है। जहां पर वह एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगा चुके हैं। एक तरफ 11 अप्रैल को जहां लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान हुआ। वहीं पर दूसरी तरफ गौतम गंभीर ने जम्मू कश्मीर के उधमपुर में एक चुनावी रैली को । जिसमें उन्होंने महबूबा मुफ्ती जमकर हमला बोला।
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर हमला करते हुए गंभीर ने कहा कि महबूबा मुफ्ती मुझे ट्विटर पर तो ब्लॉक कर सकती हैं। मगर वह देश की 130 करोड़ जनता को कैसे ब्लॉक करेंगी? 2014 में एक लहर चली थी जो कि 2019 तक पहुंचते-पहुंचते एक सुनामी में तब्दील हो चुकी है और महबूबा मुफ्ती इसके साथ नहीं हैं।
इससे पहले कई बार महबूबा मुफ्ती और गौतम गंभीर के बीच ट्यूटर जंग हो चुकी है। जिसके बाद महबूबा मुफ्ती ने उन्हें ब्लॉक कर दिया था। उन्होंने केवल महबूबा मुफ्ती के साथ ही नहीं बल्कि 2 पीएम वाले बयान पर उमर अब्दुल्ला के साथ भी ट्विटर पर सवाल जवाब किए।
जब उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि जम्मू कश्मीर में एक अलग प्रधानमंत्री होना चाहिए। उस समय गौतम गंभीर ने ट्वीट करते हुए कहा था कि उमर अब्दुल्ला ऐसी बात कर रहे हैं कि मैं महासागरों पर चलना चाहता हूं और वह चाहते हैं कि सूअर हवा में उड़ें। जम्मू कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री के बजाय उन्हें एक कप कॉफी और कड़क नींद की जरूरत है। उमर अब्दुल्ला ने भी उन पर पलटवार करते हुए कहा था कि मैंने कभी क्रिकेट नहीं खेला इसलिए मैं उसके बारे में नहीं जानता। मगर गौतम गंभीर को जम्मू-कश्मीर और उसके इतिहास के बारे में कुछ नहीं पता।
गौतम गंभीर की जनसभा उधमपुर जिले के रामनगर तहसील में थी। यहां पर 18 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



