आजम खान के डर से जयाप्रदा को रामपुर में कोई नहीं देता था रहने का कमरा
आजम खान और फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा के बीच की दुश्मनी जगजाहिर है। दोनों एक दूसरे को फूटी आंख नहीं पसंद करते हैं। एक समय था जब आजम खान जयाप्रदा को 2004 में रामपुर लेकर आए थे और तब समाजवादी पार्टी ने रामपुर की यह सीट जीती थी। मगर बाद में आजम खान और जयाप्रदा के संबंध अच्छे नहीं रहे। जयाप्रदा ने कई बार आजम खान पर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। वहीं रामपुर में आजम खान का इतना प्रभाव था कि आजम खान के डर से कोई भी होटल वाला जयाप्रदा को रहने के लिए कमरा तक नहीं देता था।
जयाप्रदा रामपुर से दो बार जनता द्वारा निर्वाचित सांसद रही हैं। मगर जब राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार आई उस समय आजम खान का रुतबा किसी मुख्यमंत्री से कम नहीं था। सांसद होने के बावजूद जयाप्रदा को रामपुर में कोई भी होटल का मालिक रुकने के लिए कमरा नहीं देता था। जिसके कारण जयाप्रदा को रामपुर से रुकने के लिए मुरादाबाद आना पड़ता था। यह समय जयाप्रदा के लिए भारी संकट का काल था। पूर्व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे अमर सिंह और जयाप्रदा के बीच बाद में दोस्ती हो गई।
रामपुर के होटल मालिकों पर आजम खान का खौफ साफ नजर आता था। जयाप्रदा ने इस बात को लेकर सपा सरकार की खूब आलोचना भी की थी। 2009 में अमर सिंह के कहने पर रामपुर से मुलायम सिंह यादव ने जयाप्रदा को लोकसभा टिकट भी दिया था। 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम खान के विरोध में जयाप्रदा भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ेगी। दोनों के निजी जिंदगीयों की दुश्मनी का असर लोकसभा चुनाव में देखने को जरूर मिलेगा। मगर पलड़ा किसका भारी रहेगा यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा। एक बात तो तय है आजम खान और जयाप्रदा एक दूसरे को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते। जब जयाप्रदा के भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ने की घोषणा हुई उस समय आजम खान ने उनका खूब मजाक उड़ाया था।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



