करतारपुर साहिब गुरुद्वारा कॉरिडोर बैठक : भारत ने पाकिस्तान के मीटिंग को बताया सफल
पाकिस्तान के नोरवाल स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बनाये जा रहे करतारपुर गलियारे की घाटियों और समझौते के खिलौनेदे पर गुरुवार को भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने सौहार्द्रपूर्ण माहौल में विचार-विमर्श किया।
बैठक के बाद जारी संयुक्त खेलों में कहा गया है कि दोनों देशों के अधिकारी सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मिले। भारत, पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारा शीघ्र चालू करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई है। करतारपुर गलियारे पर भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच रचनात्मक वार्ता हुई। भारत की ओर से बैठक में प्रतिनिधित्वमंडल की अगुवाई गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एस। सी। एल। दास ने की जबकि पाकिस्तानी अभ्यावेदन की अगुवाई विदेश मंत्रालय के महानिदेशक डॉ मोहम्मद फैजल ने की।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस महत्वपूर्ण बैठक का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, “एक स्वप्न को पूर्ण करने की स्वीकृति।” उन्होंने कहा, “भारत व पाकिस्तान के बीच करतारपुर कोरिडॉर के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत शुरू। हो गया है, जिससे भारतीय तीर्थयात्रियों को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर की यात्रा में आसानी से होगा। यह बैठक पाकिस्तानी अभ्यावेदन के अटारी-वाघा संयुक्त जांच चौकी के जरिए पहुंचने के बाद शुरू हुई। यह बैठक भारत की ओर अटारी के एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) पर आयोजित की गई।
इस वार्ता में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय उच्च प्राधिकरण व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भारत का प्रतिनिधित्व किया। जबकि पाकिस्तान ने विदेश कानूनार्लय के दक्षिण एशिया महानिदेशक मोहम्मद फैसल की अगुवाई में 18 सदस्यीय दल भेजे। फैसल विदेश कायार्लय के प्रवक्ता भी हैं। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह बैठक द्विपक्षीय वार्ता की बैठक नहीं है।
आपको बता दें कि पुलवामा में 14 फरवरी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिश पर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हमले में 40 से अधिक जवानों के शहीद होने और उसके बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविर पर हवाई कार्रवाई से दोनों देशों के बीच संबंध बहुत तल्ख हो गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच किसी मामले पर यह पहली बैठक हुई।
बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित समझौते के विभिन्न पहलुओं और प्रावधानों पर विस्तृत और रचनात्मक विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्ष करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के काम को तेजी से पूरा करने पर सहमत हुए। दोनों ओर से तकनीकी विशेज्ञों ने भी प्रस्तावित गलियारे की एकरूपता रखने और उसे जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्ष अगली बैठक दो अप्रैल को वाघा में करने पर सहमति हुई। इससे पहले 19 मार्च को तकनीकी विशेज्ञों की बैठक होगी।
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy



