क्या राजस्थान विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर चल गया?
राजस्थान जहाँ रियासतें खूँ की खुराक से पल्लवित-पोषित होती रही हैं,, इतिहास की एक सजीव यात्रा और भारतीय आत्मसम्मान और शौर्य के एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर महाराणा प्रताप की धरती,, तिस पर प्रजातंत्र में एक महारानी ने महलों को छोड़ सड़के नापने की कोशिश की और दो बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पाई!! राजस्थान की एक खास बात है,, यहाँ 1998 से हर पाँच बरस में सत्ता बदलती आई है यानि एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी!! लेकिन क्या राजस्थान विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर चल गया?
क्या राजस्थान विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर चल गया??
पर आनंदपाल एनकाउंटर और पद्मावती फिल्म की घटनाओं से एवं बीजेपी का सबसे मजबूत वोट बैंक राजपूत कहीं न कहीं खिसकने लगा था,, उम्मीद होने लगी थी कि बीजेपी भी एन्टी-इनकम्बेंसी की चपेट में आ जाएगी,, पर लगता है बीजेपी का ट्रम्प कार्ड,, तुरूप का इक्का सही वक्त पर सही तरीके से काम आ चुका है!! जो की है राजस्थान विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर।
मशहूर शायर वसीम बरेलवी का एक शेर हैं:-
कौनसी बात कहाँ, कैसे, कही जाती हैं,,
अगर ये सलीका हो तो हर बात सुनी जाती हैं!!
नरेन्द्र मोदी ने इस शेर को अपने ज़ेहन में कुछ गहराई से समेट लिया है,, बीच में एक नारा चला था “मोदी तुझसे बैर नहीं,, पर रानी तेरी खैर नहीं”!! पर लगता है मोदी से प्रेम रानी की गद्दी बचाने में कामयाब हो सकता है,, चुनाव और क्रिकेट में अंतिम समय तक सबकुछ बदला जा सकता है!! नरेन्द्र मोदी ने गुजरात जिताने का जो कारगर तरीका निकाला था पटेलों के हिंसात्मक आंदोलन के बाद भी वही पासा उन्होंने राजस्थान के चुनावी चौसर पर फेंक दिया है,, और मोदी की चुनावी रैलियों में आयी भीड़ ये बतला रही है कि राजस्थान वंसुधरा पर भरोसा करने को राजी सा लगता है!! राजस्थान विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर एक बड़ा राजनैतिक पासा है,, इतना अभूतपूर्व समर्थन किसी नेता के लिए होना अपने-आप में आश्चर्यजनक है,, अमित शाह के टिकट बँटवारे और मोदी के वोट अगर काॅकटेल बना पाए तो 2018 का रण बीजेपी की झोली में है!!
एक और बात पर बहुत गौर करने की आवश्यकता है,, कोर कैडर हर दल के पास होता है,, जो चाहे कुछ हो जाए कर्ण की भाँति अपने नेता और दल के साथ खड़ा रहेगा,, वही कार्यकर्ता पार्टी की नींव है,, अमित शाह जानते हैं कि अपने कार्यकर्ता को जमीन पर कैसे मुस्तैद रखा जाए,, तिस पर सरकार बनाने और गिराने में आम भारतीय नागरिक की दुविधा काम आती हैं,, नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान में यही बहुत अच्छे से किया है,, राजस्थान विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर – उन्होनें अपने करिश्माई व्यक्तित्व से जनता को मुरीद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और EVM तक कमल पर वोट डलवाने के लिए वो हर उलझन को सुलझाने का प्रयास करके आए हैं!! बाकी नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की रैलियों में आती भीड़ अगर EVM के वोटों में तब्दील हो गयी तो बीजेपी की फतह निश्चित है!!
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