जस्टिस रंजन गोगोई भारत के नए मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस रंजन गोगोई स्वतंत्र भारत की 46 वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बने । राष्ट्रपति भवन में सुबह के करीब रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन्हें शपथ दिलाई। यह पूर्व उत्तर से पहले जज है। उनके पिता असम के मुख्यमंत्री भी रह चुके है।
गौरतलब है कि पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा उच्च न्यायपालिका में स्थाई जज के तौर पर कार्यरत होने 21 साल तक देश की सेवा की। इस 21 सालों में वह 14 साल अलग-अलग हाई कोर्ट में जज भी रहे। दूसरी तरफ जस्टिस रंजन गोगोई 28 फरवरी 2001 को गुवाहाटी के हाई कोर्ट के जज बने थे और 23 अप्रैल 2012 को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ ली थी।
जस्टिस रंजन गोगोई का जीवन बहुत ही साधारण जीवन है। जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई के पास सोने की कोई एक भी आभूषण नहीं है । उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के पास जो कुछ भी आभूषण है वह शादी के वक्त उनके माता-पिता रिश्तेदारों और दोस्तों की तरफ से भेंट में दी गई वस्तुएं है।
वहीं पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा जी के पास सोने की दो अंगूठियां थी जिन्हें वह पहनते थे। इसके अलावा उनके पास एक गोल्ड चेन भी थी। बता दें कि जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस रंजन गोगोई दोनों ही ऐसे व्यक्तित्व के मालिक हैं जिनके पास अपनी कोई व्यक्तिगत वाहन नहीं है ।
दोनों जजों ने अपने कर्तव्य का इस प्रकार से पालन किया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में बताओ जज होने के बावजूद और लंबे कार्यकाल होने के बावजूद भी इनकी संपत्तियां पहले की तरह ही यथावत बनी रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ज्यादा संपत्ति तो वरिष्ठ वकीलों के पास होती हैं। उन्होंने कहा कि इनके अगर बैंक में उपस्थित धनराशि को देखा जाए तो जीवन भर की बचत और उसे संपत्तियों को एक साथ करके देखने पर यह कामयाब वरिष्ठ वकीलों की लगभग एक दिन की कमाई से भी कम होगी ।
गौरतलब है कि पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक जस्टिस दीपक मिश्रा ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे विभिन्न प्रकार के मामलों पर अपना निर्णय सुनाया था। इसमें आधार कार्ड का मामला, सबरीमाला मंदिर का मामला महत्वपूर्ण स्थान रखता है ।

