तेल की कच्ची कीमतें छू रही हैं आसमान, ट्रंप ने बनाया सऊदी अरब पर दबाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर अमेरिका के सबसे करीब के सहयोगी सऊदी अरब पर अपना दबाव और बढ़ा दिया । ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब के शाह अपने पद पर दो सप्ताह के लिए भी आसीन नहीं रह सकते जब तक कि उन्हें अमेरिकी सैन्य सहयोग ना मिले ।बेरोजगारी , महंगाई और पेट्रोल व कच्चे तेलों की कीमतें लगातार बढ़ना एक राष्ट्रीय समस्या नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समस्या हो चुकी है । कच्चे तेल की कीमतें दिन प्रतिदिन आसमान को छू रही है ।
कच्चे तेल की कीमत बीते हुए 4 सालों में अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं । इस बाबत को ध्यान रखते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने तेल उत्पादक देशों के संगठन अर्थात ओपेक और सऊदी अरब से बार-बार आग्रह किया कि वे कच्चे तेलों के दामों में कमी करें मगर ओपेक व सऊदी अरब ने इनके मांग को नकार दिया ।
गौरतलब है कि ट्रंप और सऊदी अरब का रिश्ता बीते हुए कुछ समय से बहुत अच्छे से चल रहा है लेकिन बढ़ती हुई तेल की कीमतें इस रिश्ते में दीमक लगा रहे हैं । विशेषज्ञों ने बताया है कि ब्रेंट क्रूड ऑयल का बेंचमार्क एटी फाइव डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है । जो कि बीते 4 सालों में सर्वाधिक कीमत है । ट्रंप ने जुलाई में ट्वीट कर बताया था कि सऊदी अरब 2000000 बैरल तक तेल का उत्पादन बढ़ाएगा। फिलहाल सऊदी अरब रोजाना 10000000 बैरल क्रूड का उत्पादन करता है।
ट्रंप के द्वारा अरब पर टिप्पणी असल में वहां के राजा अल सऊद से जुड़ी हुई है । इसके पहले भी राष्ट्रपति चुनावों के समय में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सहयोगियों को लंबे अरसे से दी जा रही सैन्य सहायताओं की बहुत आलोचना की थी ।
ट्रंप ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह शाह सलमान को बहुत पसंद करते हैं लेकिन उन्होंने उन से कह दिया है कि हम आपको सुरक्षा देते हैं और आपको अपनी सेना के लिए अब भुगतान करना पड़ेगा क्योंकि हम सऊदी अरब की रक्षा करते हैं और भविष्य में रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है ।

