350 सांसदों के ठहरने की की गई अस्थाई व्यवस्था
लोकसभा चुनाव जीतकर आए 350 सांसदों के लिए सरकार ने अस्थाई रूप से आवास के प्रबंध किए हैं। दरअसल नियम के मुताबिक लोकसभा के भंग होने के 1 महीने के अंदर सांसदों को अपने आवंटित आवासों को खाली करना पड़ता है। लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद 25 मई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तत्काल प्रभाव से लोकसभा को भंग कर दिया था। जबकि गुरुवार को यानी कि 30 मई को शपथ ग्रहण समारोह किया गया। ऐसे में सरकार ने 350 ठहरने की अस्थाई व्यवस्था की है। जबकि उन्हें अभी पूर्णकालिक आवास उपलब्ध नहीं हो पाया है।
तय समय में आवास खाली करें पूर्व सांसद
2014 के लोकसभा चुनाव में नव निर्वाचित हुए सांसदों के ठहरने की व्यवस्था पांच सितारा होटल में की गई थी। जिसके बाद सरकार को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसलिए इस बार सरकार ने काफी ध्यान रखा है और सांसदों के ठहरने के लिए अस्थाई प्रबंध किए गए हैं। यदि कोई पूर्व सांसद तय समय पर अपने आवास को खाली नहीं कर पाता है तो उसके अंतर्गत अनाधिकृत जमीन से बेदखली अधिनियम 1971 का प्रयोग किया जाएगा। ताकि ने निर्वाचित सांसदों को उनके पूर्णकालिक आवास आसानी से उपलब्ध करवाया जा सके। शपथ ग्रहण समारोह के बाद जल्दी ही संसद का सत्र भी शुरू हो जाएगा।
300 सांसद है नवनिर्वाचित
2019 के लोकसभा चुनाव में नवनिर्वाचित सांसदों की संख्या 300 है। जबकि 2014 में नवनिर्वाचित सांसदों की संख्या 314 थी। यह सब सांसद संसद की निचली सदन के लिए चुने गए हैं। इनमें क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने सांसद और कुछ सांसद तो ऐसे भी हैं जो बॉलीवुड से राजनीति की दुनिया में आए हैं। 30 मई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मौजूदगी में नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ ली उनके साथ साथ नरेंद्र मोदी के मध्य मंडल के 57 सदस्यों ने भी अपने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को पहली बार कैबिनेट में जगह दी गई है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।


