श्रीनगर में पकड़े गए तीन आतंकी, दो हैं सरकारी स्कूल में अध्यापक
जम्मू कश्मीर पुलिस ने बुधवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आतंकी जम्मू संभाग के किश्तवाड़ के रहने वाले हैं और इनमें से दो सरकारी स्कूल में अस्थायी अध्यापक हैं।
आतंकियों की पहचान रियाज अहमद वानी, तौसीफ-उल-नबी और इखलाक अहमद खांडे के रूप में हुई है। वानी व खांडे किश्तवाड़ में दच्छने गांव के रहने वाले हैं, जबकि तौसीफ गुंदना का रहने वाला है। इनके पास से पुलिस ने दो चाइनीज पिस्तौल, दो मैगजीन, 25 कारतूस, चार ग्रेनेड, एक पैकेट आरडीएक्स, एक वायरलेस सेट और कुछ अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।
पकड़े गए तीनों आतंकी किश्तवाड़ में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन के डिवीजनल कमांडर जहांगीर सरूरी के लगातार संपर्क में थे और उसके लिए बतौर ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) भी काम कर रहे थे। जहांगीर सरूरी का नाम 2011 में दिल्ली में हुए बम धमाकों में भी आया था। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर-बारामुला सड़क पर परींपोरा के पास बेमिना पुलिस नाका लगाकर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान तीनों आतंकी अपने वाहन में वहां से गुजरे।
पुलिस के रोकने पर वे घबरा गए और जल्द निकलने की कोशिश करने लगे। इनकी गतिविधियों पर पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ और उन्होंने इनसे पूछताछ शुरू कर दी। वाहन को जब पूरी तरह खंगाला गया तो मामला साफ हो गया। मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि तौसीफ स्थानीय हाई स्कूल में अस्थायी शिक्षक है। उसका बड़ा भाई डोडा में कभी नामी आतंकी था, जो सुरक्षाबलों से बचने के लिए बीते कई वर्षो से पाकिस्तान में बैठा हुआ है। आतंकी इखलाक खांडे भी दच्छन स्थित एक सरकारी स्कूल में अध्यापक है।

