भारतीय युवा वैज्ञानिक ने बनाई अद्भुत उड़न-कुर्सी, मुश्किल हालात से निपटेगी
ड्रोन जैसे उड़न-उपकरणों से एक कदम आगे बढ़ाते हुए भारतीय युवा वैज्ञानिक ने फ्लाइंग चेयर यानी उड़न-कुर्सी का सफल परीक्षण कर दिखाया है। इस तकनीक को पेटेंट भी करा लिया गया है। यह फ्लाइंग चेयर बनाई है सोलन, हिमाचल प्रदेश स्थितशूलिनी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैकेनिकल एंड सिविल इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर सौरभ अग्रवाल ने। 30 वर्षीय सौरभ को उम्मीद है कि उनका यह आविष्कार भविष्य की एक बहुउपयोगी फ्लाइंग मशीन के रूप में स्थापित होगा।
सौरभ का कहना है कि यह फ्लाइंग मशीन हेलीकॉप्टर के बहुउपयोगी विकल्प के रूप में उपयोग में लाई जा सकेगी। हेलीकॉप्टर को टक्कर देने वाली फ्लाइंग चेयर मुश्किल हालात व आपदा से निपटने में मददगार होगी। यह चेयर ऐसे कार्यों में भी सक्षम है, जहां हेलीकॉप्टर काम नहीं आ सकता है।

