पांचवीं पीढ़ी के विमानों पर रूस से आगे बढ़ी बात
भारत और रूस जल्द ही पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के साथ विकास पर कदम आगे बढ़ाने जा रहे हैं। माना जाता है कि करीब 25 अरब डॉलर के इस प्रॉजेक्ट के तहत 125 विमान बनेंगे। इस प्रॉजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही एक समझौता हो सकता है, जिसे रक्षा हलकों में बेहद अहम माना जा रहा है।
भारत और रूस ने 2007 में इस प्रॉजेक्ट के लिए सरकारी स्तर पर समझौता किया था। 2010 में भारत ने लड़ाकू विमान की प्रारंभिक डिजाइन के लिए करीब साढ़े 29 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 1900 करोड़ रुपयों) का भुगतान करने पर सहमति जताई थी और 2013 में प्रारंभिक डिजाइन तैयार भी हो गई थी। लेकिन बाद के सालों में बातचीत में कई बाधाएं सामने आईं। कहा जाता है कि सबसे ज्यादा गतिरोध टेक्नॉलजी ट्रांसफर पर ही हुआ।

