दुनिया के विशेषज्ञों ने नोटबंदी को माना ‘हथियार’
काशी में पहली बार दुनिया भर से जुटे विशेषज्ञों ने आर्थिक विकास, आतंकवाद व रोजगार के मोर्चे पर चुनौतियों के समाधान का नया रास्ता ढूंढ़ने पर खुलकर चर्चा की। मौका था जी-20 देशों के आर्थिक फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप (FWG) के दो दिनी ‘महामंथन’ का। बैठक में दुनिया में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा छाया रहा।
विभिन्न देशों के डेलिगेट्स और प्रमुख वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों का मानना रहा कि आबादी के बढ़ाव की तुलना में रोजगार का सृजन न होने के कारण भ्रष्टाचार व आतंकवाद तेजी से बढ़ रहा है। चर्चा के केंद्र में भारत में नोटबंदी और उसके बाद उभरी अर्थव्यवस्था भी रही। भारत के इस कदम को आर्थिक विकास के साथ आंतकवाद से लड़ने का नया मॉडल माना गया। इस कड़ी ने विदेशों में भारत के प्रति विश्वास बढ़ने के अलावा आने वाले समय में भरपूर विदेशी निवेश के संकेत दिए है।

