चीन की दखल के बीच भारत ने किर्गिस्तान संग भरा दोस्ती का दम
चीन की बढ़ती दखल के बीच भारत ने उस इलाके के अहम देश किर्गिस्तान से दोस्ती मजबूत करने की तरफ कदम बढ़ाया है। भारत और किर्गिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संधि पर जोर दिया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी फैसला लिया गया है। किर्गिस्तान टोरपीडो वेपन सिस्टम के उत्पादन में महारत रखता है।
भारत की विदेश नीति में सेंट्रल एशिया से जुड़ाव अहम रहा है। अमेरिका, रूस और चीन इस इलाके में अपना दखल बढ़ा रहे हैं। चीन के महत्वाकांक्षी ‘वन बेल्ट वन रोड प्रॉजेक्ट’ का बड़ा हिस्सा सेंट्रल एशिया को कवर करने वाला है। चीन अपना पड़ोसी देश होने के नाते किर्गिस्तान में अपना दखल बढ़ा रहा है। यह दखल खास तौर पर आर्थिक और रणनीतिक मामलों में बढ़ाने की कोशिश है।
इस बीच सेंट्रल एशिया के सेक्युलर तानेबाने को आतंकवादी गतिविधियों से नुकसान हो रहा है। ऐसा माना जाता है कि इस इलाके के आतंकवादियों का अलकायदा और तालिबान से संबंध है। रूस की पाकिस्तान से करीबी बढ़ रही है और हाल ही में उसका तालिबान के प्रति नरम रुख देखने में आया था।

