चीन ने पाकिस्तान को अपग्रेडेड रडार प्रणाली देने से किया इनकार
हाल ही में भारत ने फ्रांस से अपना पहला राफेल विमान प्राप्त कर लिया है। आने वाले कुछ समय के अंदर ही भारत में फ्रांस से खरीदे गए सभी राफेल विमान पहुंच जाएंगे। ऐसे में भारतीय वायु सेना को काफी मजबूती मिलेगी और वह देश की सुरक्षा में और भी अच्छी तरीके से अपना योगदान दे पाएगी।
पाकिस्तान भारत को राफेल विमान प्राप्त होने के कारण चिंता में है। हर बार की तरह इस बार भी वाह राफेल का तोड़ ढूंढने के लिए चीन की शरण में जा पहुंचा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने चीन से अपग्रेडेड रडार प्रणाली और आधुनिक एयरक्राफ्ट देने की गुजारिश की थी। मगर चीन ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए यह दोनों सुविधाएं देने से पाकिस्तान को मना कर दिया है।
अपग्रेडेड रडार प्रणाली से राफेल को काउंटर करना चाहता था पाकिस्तान
दरअसल फ्रांस द्वारा भारत को राफेल विमान दिए जाने के बाद राशन को काउंटर करने के लिए पाकिस्तान चीन से आप ग्रेडेड रडार प्रणाली के साथ साथ आधुनिक एयरक्राफ्ट भी चाहता था। पाकिस्तान ने चीन के सामने उसको दिए गए jf-17 थंडर एयरक्राफ्ट को अपग्रेड करने की भी मांग की थी। मगर चीन जैसे शातिर देश ने पाकिस्तान को सीधे इंकार कर दिया। दरअसल इस समय विश्व में आर्थिक मंदी चल रही है। ऐसे में चीन पाकिस्तान को अतिरिक्त क्रेडिट पर किसी भी तरह की सहायता उपलब्ध नहीं करवाना चाहता। वह यह बात जानता है कि चीन पहले से ही पाकिस्तान को लोन दे चुका है और पाकिस्तान यह लोन चुकाने में सक्षम नहीं है।
आतंकियों के पास मिल रहे हैं चीनी हथियार
चीन जो हथियार पाकिस्तान को निर्यात कर रहा है वह हथियार जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के पास मिल रहे हैं। इस बात को लेकर चीन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से नाराजगी जताई है। चीन को ऐसा लगता है कि यदि उसके हथियार आतंकियों द्वारा प्रयोग में लाया जा रहे हैं तो उसके अंतरराष्ट्रीय छवि खराब हो सकती है।
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