पाकिस्तान ने हांगकांग को लेकर कि चीन को नाराज करने वाली टिप्पणी
पाकिस्तान आर्थिक रूप से दिन प्रतिदिन पिछड़ता जा रहा है। ऐसे में यदि उसे दुनिया का कोई देश अपना समर्थन दे रहा है तो वह है एशिया की महाशक्ति चीन। चीन द्वारा पाकिस्तान को समर्थन दिए जाने के पीछे भी चीन की अपनी अलग कहानी है। चीन पाकिस्तान को आर्थिक रूप से गुलाम बनाना चाहता है। वह पाकिस्तान को कर्ज के बोझ तले इतना दबा देना चाहता है कि पाकिस्तान उसकी बात को मानने से इंकार ना कर पाए।

वर्तमान समय में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत दौरे पर आए हुए हैं। वहां पर वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दूसरी अनौपचारिक बैठक करेंगे। मगर चीन के राष्ट्रपति से भारत दौरे से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीन को नाराज करने वाली टिप्पणी कर अपने ही सिर पर मुसीबत मोल ले ली है। पाकिस्तान द्वारा की गई टिप्पणी चीन को नाराज कर सकती है।
संबंध खराब कर सकती है हांगकांग को लेकर पाकिस्तान की नाराज करने वाली टिप्पणी
चीन एक ऐसा देश है जो पाकिस्तान को समय पर सैन्य सहायता के साथ साथ सैन्य उपकरण भी उपलब्ध करवाता है। मगर चीन के भारत दौरे से पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट करते हुए लिखा कि एक तरफ मीडिया कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चुप है तो वहीं दूसरी तरफ हांगकांग में लोकतंत्र समर्थित आंदोलन को बढ़ा चढ़ाकर दिखा रहा है। पाकिस्तान की यह टिप्पणी चीन को इसलिए नाराज कर सकती है क्योंकि चीन अपने आंतरिक मामलों में किसी भी देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करता है। हांगकांग में चीन के विरोध में कुछ दिनों पहले लगातार आंदोलन चल रहे थे।
चीन ने वापस ले लिया है अपना फैसला
चीन ने हांगकांग के निवासियों पर जबरदस्ती प्रत्यर्पण कानून थोपने का प्रयास किया था। जिसका हांगकांग की जनता ने जमकर विरोध किया। जिसके बाद चीन को अपनाया कानून वापस लेना पड़ा। मगर चीन ने विद्रोहियों से निपटने की दीर्घकालिक योजना बना रखी है।
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