अमेरिका ने चीन को सबक सिखाने के लिए चला दाँव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन को सबक सिखाने के मिज़ाज़ में है । वह चीन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरने की कोशिश में है । इसके लिए वह हर तरह के दाँव चल रहे है ।
चीन को सबक सिखाने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चीन के महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट वन बेल्ट वन रोड में अवरोध डालने का विचार बना लिया है । उन्होंने वन बेल्ट वन रोड’ परियोजना की काट और पेइचिंग के जियोपॉलिटक प्रभाव को खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण बिल पर हस्ताक्षर किए हैं । इस महत्वपूर्ण बिल के तहत एक ऐसी नई फॉरेन एड एजेंसी बनेगी जो अफ्रीका, एशिया और अमेरिकी देशों में आधारभूत परियोजनाओं को आर्थिक मदद देगी ।
इस नई परियोजना के तहत एक कंपनी है जिसका नाम यूएस इंटरनैशनल डिवेलपमेंट फाइनैंस कॉर्प है । यह कंपनी एशिया , अफ्रीका और अमेरिकी देशों के 60 अरब डॉलर के लोन या फिर लोन की गारंटी दे सकती है।
इस परियोजना के अंतर्गत ऐसी कंपनियाँ जो विकासशील देशों में बिजनस की इच्छुक होगी उसको इंश्योरेंस दे सकती है । ग़ौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले हफ्ते ही इस बिल पर हस्ताक्षर किए है ।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इस प्रयास द्वारा ऐसे कयास लगाए जा रहे है कि दुनिया मे चीन के बढ़ते आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव को अंतरराष्ट्रीय स्तर कम करने के लिए देखा जा सकता है । ट्रम्प ने चीन के ऊपर व्यापार व्यवस्था में भी अपने नज़रें टेढ़ी की है । डोनाल्ड ट्रम्प ट्रेड वॉर शुरू करते हुए इस साल में याब तक चीन पर 250 अरब के टैरिफ लगा चुके है । अमेरिका ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि चीन को अमेरिका के द्वारा मिलने सिविल नुक्लेअर तकनीक में भी कमी करेगा ।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने स्टैंड में बेहतरीन बदलाव किया है । इसके पीछे बहुत से कारण है जिनमे उनका चीन को आर्थिक, तकनीक और राजनीतिक तौर पर अलग-अलग करने की कोशिश है। बता दे कि चीन एशिया, पूर्वी यूरोप और अफ्रीका में बड़ा प्रभुत्व हासिल करने के लिए यहां बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है।

