दिल्ली होटल में अग्निकांड का हुआ ऐसा तांडव कि 17 लोगो की हो गई मौत
आपको जान कर बेहद अफ़सोस होगा कि बीते दिन राजधानी दिल्ली के होटल में काफी भयंकर आग लगी थी। जी हां दिल्ली के करोलबाग में स्थित होटल अर्पित पैलेस में काफी भीषण आग लगी थी। बता दे कि दिल्ली होटल में अग्निकांड ने कुछ ऐसा तांडव मचाया कि इस आग की चपेट में नाजाने कितने ही लोगो ने अपनी जान गंवा दी। गौरतलब है कि होटल में आग लगने के बाद उसका नजारा किसी श्मशान भूमि से कम नहीं लग रहा था। वही अगर सूत्रों की माने तो ऐसा कहा जा रहा है कि यह आग शार्ट सर्किट होने की वजह से लगी है। दरअसल दिल्ली के होटल में यह आग सोमवार की रात को लगी थी और मंगलवार की सुबह तक यह होटल पूरी तरह से तहस नहस हो चुका था।

दिल्ली होटल में अग्निकांड..
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि होटल में लोग जब सो रहे थे, तभी होटल में अचानक से शार्ट सर्किट हुआ था। केवल इतना ही नहीं इसके इलावा यह आग देखते ही देखते चारो तरफ फ़ैल गई। हालांकि शुरुआत में तो यह आग केवल दूसरे फ्लोर तक ही सीमित थी, लेकिन बाद में यह तीसरे और चौथे फ्लोर तक फ़ैल गई। वही जाँच करने के बाद यह बात सामने आई है, कि ये सब केवल होटल की लापरवाही के कारण ही हुआ है। इसके इलावा अर्पित होटल में जो अधिकारी आग बुझाने के लिए आये थे, उनका कहना है कि होटल में ज्यादातर काम लकड़ी से ही किया गया था।
यही वजह है कि आग लगने के बाद होटल में चारो तरफ धुआं ही धुआं फ़ैल गया। यहाँ तक कि अधिकारियों का कहना है कि सीढ़ियों के पास भी लकड़ी का कवर ही लगा हुआ था। बता दे कि सीढियाँ संकरी होने के कारण लोगो को सीढ़ियों से जल्दी उतरने में काफी परेशानी भी हो रही थी। इसके साथ ही अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर लोगो की मौत धुंए से दम घुटने के कारण ही हुई है। वही दूसरी तरफ दो लोगो ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिल से छलांग लगा ली थी। जिसके कारण उनकी मौत हो गई।
यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो उस समय दिल्ली होटल में अग्निकांड का नजारा कुछ ऐसा था कि इस नजारे को देख वहां मौजूद सभी लोगो के रोंगटे खड़े हो गए। फ़िलहाल इस मामले को लेकर काफी गंभीरता से जाँच की जा रही है।
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hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।



