चंद्रबाबू नायडू ने दिया इस्तीफ़ा
लोकसभा चुनाव 2019 कई वादों और विवादों के बीच पूरी तरीके से अब खत्म हो चुका है और आने वाले कुछ ही घंटों में सभी लोकसभा सीटों के परिणाम भी घोषित हो जाएंगे लेकिन इसी बीच कई पुराने दागों पर भी नजर डालने की जरूरत है क्योंकि कुछ राजनेताओं के द्वारा ऐसे भी वादे किए गए थे कि अगर बीजेपी दोबारा से सत्ता में आती है तो वह कुछ ऐसा करेंगे जो आम तौर पर राजनीति में नहीं किया जाता है। जी हां हम बात कर रहे हैं किसी ऐसे ही अनोखे वाक्य के बारे में जिस को अंजाम देते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस्तीफ़ा दे दिया है। लेकिन चन्द्र बाबू नायडू ने यह इस्तीफ़ा आंध्रप्रदेश के विधानसभा चुनावों में तेदेपा पार्टी की हार के बाद दिया है।
राज्यपाल को सौंप चुके हैं इस्तीफ़ा –

लोकसभा चुनाव 2019 में महागठबंधन की कमान को संभाले हुए चंद्रबाबू नायडू ने 21 विपक्षी दलों का नेतृत्व करते हुए कई मौकों पर भारतीय जनता पार्टी की नीतियों का विरोध किया यहां तक कि उन्होंने चुनाव आयोग को भी नहीं छोड़ा और 21 विपक्षी दलों का नेतृत्व करते हुए चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव आयोग को घेरते हुए इस बात का आरोप लगाया कि वीवीपैट की पर्चियों के मिलान में 21 विपक्षी दलों को संदेह है।
हालांकि चुनाव आयोग ने इस बाबत कहा था कि वीवीपैट की परियों के मिलान कराने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होगी और सभी राजनेताओं को इस बात की संतुष्टि दिलाई जाएगी कि ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है।
और अब नायडू ने तेदेपा कि विधानसभा चुनाव में करारी हर के बाद आहत होकर इस्तीफा दे दिया है। चंद्रबाबू नायडू ने अपना इस्तीफ़ा राज्यपाल को सौंप दिया है। चंद्रबाबू नायडू के इस इस्तीफे को राज्यपाल के द्वारा स्वीकार भी कर लिया गया है। हालांकि अभी तक इस मामले में केवल राज्यपाल के द्वारा नायडू के इस्तीफे को स्वीकार किया बाकी नई सरकार के गठन होने तक वह अपने ऑफिस के कार्यों को करते रहेंगे।

Former Desk Web Journalist – Aaj Ka Reporter
Former Desk Web Journalist – Live Samachar
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