इस दिन खत्म हो रहा अगहन मास, भगवान कृष्ण को पसंद हो यह मासFeatured Article Knowledge mythology News 

इस दिन खत्म हो रहा अगहन मास, भगवान कृष्ण को पसंद हो यह मास

जैसा कि हम बात करें अगहन महीने तो यह शुक्ल पक्ष 24 नवंबर गुरुवार के दिन से शुरू हो रहा है जो कि 8 दिसंबर तक चलेगा। बता दें कि तिथियों की घट बढ़ नहीं होने से पकवाड़ा इस बार पूरे 15 दिनों का रहेगा। जिसमें से मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में तीज त्यौहारों के इस दिन 6 दिन रहेंगे।

होता है काफी पवित्र महीना

जानकारी के लिए बता दें कि मार्गशीष यानी अगहन महीना काफी पवित्र माना जाता है। क्या आपको यह पता है कि श्रीकृष्ण को बहुत प्रिय है। जहां शास्त्रों में इसे श्री कृष्ण का स्वरूप ही कहा गया है। बता दें कि हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष की शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में धनुष धारी अर्जुन को गीता का उपदेश सुनाया था।

खास बात

जिसमें गीता के एक श्लोक में श्रीकृष्ण मार्गशीर्ष मास की महिमा बताते हुए कहते हैं कि गायन करने योग्य श्रुतियों में मैं बृहत्साम, छंदों में गायत्री और मास में मार्गशीर्ष और ऋतुओं में बसंत हूं। जहां शास्त्रों में मार्गशीष का महत्व बताते हुए कहा गया कि, हिंदू पंचांग के अनुसार इस पवित्र मास में गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने से रोग दोष और परेशानियों से मुक्ति मिलती है। जिससे शरीर भी स्वस्थ रहता है।

तिथि पर हुआ था भगवान का विवाह

इस दिन विवाह पंचमी है त्रेता युग में इसी तिथि पर श्री राम और सीता का विवाह हुआ था इस दिन श्री राम और सीता की विशेष पूजा करें और रामायण पूजा का पाठ करें।

होती है शिव जी की पूजा

वहीं, इस दिन चंपा षष्टि व्रत रहेगा ,इसमें भगवान शिव और कार्तिकेय की पूजा की जाती है। कहते हैं स्कंद पुराण के अनुसार इस दिन कार्तिकेय की पूजा करने से सभी परेशानियां दूर होती है। जिसका बहुत लाभ होता है।

इस दिन है मोक्षदा एकादशी

हालांकि, इस दिन मोक्षदा एकादशी है इस दिन व्रत के साथ श्री कृष्ण और भगवान विष्णु की विशेष पूजा होती है इस दिन गीता जयंती पर वह भी मनाया जाता है इस पर्व पर नदी में स्नान करने और दान पुण्य करने की परंपरा है। जो जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग होता है।

साल का आखिरी प्रदोष

यह साल का आखरी सोम प्रदोष है। जहां सोमवार के दिन त्रयोदशी का संयोग होने से इस दिन भगवान शिव पार्वती की विशेष पूजा से सुख और समृद्धि बढ़ती है यह व्रत सभी दोष दूर करता है।

 

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