पाकिस्तान के अंदर की गई सर्जिकल स्ट्राइक के 3 साल पूरे
28 सितंबर 2016 की वह रात जब भारतीय सेना के जवान पाकिस्तान के अंदर दाखिल हुए और 2 घंटे के अंदर पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित सभी आतंकी लांच पैड को तबाह कर सुरक्षित वापस भारत की सीमा में आ गए। यह घटना इतिहास में कुछ इस तरह दर्ज हो गई जो पाकिस्तान को सदैव तकलीफ पहुंचाएगी। 28 सितंबर 2019 के साथ ही इस सर्जिकल स्ट्राइक के 3 साल पूरे हो गए हैं।
हाल ही में इसके तीसरे वर्षगांठ के दौरान भाषण देते हुए भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से 3 साल पहले ही वह रात थी जब मैं एक भी मिनट के लिए नहीं सोया था। पूरी रात जागकर हमारे सेना के पराक्रम की खबर का इंतजार कर रहा था। आज उसके 3 साल पूरे हो गए हैं। यह एक ऐसी गाथा है जो इतिहास में अमर हो गई।
सर्जिकल स्ट्राइक के 3 साल पर प्रधानमंत्री ने दिया संबोधन
अपने सात दिवसीय अमेरिकी दौरे से वापस आने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सर्जिकल स्ट्राइक के 3 वर्ष पूरे होने के मौके पर अपना संबोधन देना आवश्यक समझा। उन्होंने इस विषय में अपना बयान दिया और हमारे देश के जवानों की प्रशंसा की। दरअसल भारतीय सेना द्वारा किए गए इस खतरनाक ऑपरेशन में 125 जवानों ने हिस्सा लिया था। मगर केवल 35 कमांडो ही कैंप के अंदर गए थे। माना जाता है कि इसमें भारतीय सेना ने सात आतंकी लांच पैड को तबाह कर दिया था। जिसमें 37 आतंकी और 2 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे।
उरी आतंकी हमले का बदला था यह ऑपरेशन
19 सितंबर की सुबह पूरी नहीं स्थित सेना के कैंप के अंदर घुस कर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी। जिसमें हमारे भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना से पूरा देश दुख में आ गया था। देश के अंदर पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश था और सरकार से लोग यह मांग कर रहे थे कि सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कोई कड़ा कदम उठाया जाए। जिसके बाद सेना ने यह कार्यवाही की थी।
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