भोपाल में दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में उतर सकती हैं साध्वी प्रज्ञा
मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह उम्मीदवार हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी भोपाल लोकसभा सीट के लिए एक योग्य प्रत्याशी की तलाश कर रही है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में हाल ही में एनआईए की कोर्ट से बरी हुईं साध्वी प्रज्ञा का नाम सबसे आगे है। साध्वी प्रज्ञा को दिग्विजय सिंह के खिलाफ एक हिंदुत्व का चेहरा बनाकर खड़ा किया जा सकता है। मालेगांव ब्लास्ट में साध्वी प्रज्ञा को कांग्रेस सरकार में आरोपी बनाया गया था मगर 10 साल बाद सबूतों के अभाव में साध्वी प्रज्ञा को बरी कर दिया गया।
जेल से रिहा होने के बाद साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से हिंदुत्व के एक चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। दिग्विजय सिंह पर तुष्टीकरण के कई आरोप भारतीय जनता पार्टी लगाती आई है। दिग्विजय सिंह और कांग्रेस पार्टी पर हिंदू आतंकवाद शब्द को जन्म देने का आरोप है। वहीं पर दिग्विजय सिंह ने बाटला एनकाउंटर हाउस को फर्जी बताया था और इस में मारे गए आतंकवादियों के घर पर भी गए थे। आतंकवादी इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य थे। मगर साध्वी प्रज्ञा को राजनीति का बिल्कुल भी अनुभव ना हो होने के कारण पार्टी अभी इस पर विचार कर रही है कि साध्वी प्रज्ञा को प्रत्याशी बनाया जाना कितना सही होगा।
अगर भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्व का एजेंडा लेकर भोपाल से चुनाव लड़ जाती है तो चुनाव आयोग इस पर आपत्ति कर सकता है। प्रज्ञा जी से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं दुश्मन को परास्त करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। मेरी कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हैं। जिनके जिम्मेदार दिग्विजय सिंह हैं। मैं इन धब्बों को कभी नहीं भूल सकती जो पिछले 10 सालों में मेरे दामन पर लगे हैं और भगवान की कृपा से सच सामने आ गया।
मध्य प्रदेश में यह भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है क्योंकि वर्ष 1989 से लेकर यहां पर लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ही जीत होती रही है। वहीं दूसरी और दिग्विजय सिंह 16 साल बाद किसी चुनाव में उतरने जा रहे हैं। ऐसे में मुकाबला बहुत ही दिलचस्प होगा।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



