राहुल गांधी के इस्तीफे से पहले हो सकती है प्रदेशों में बड़ी फेरबदल
लोकसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी अपने इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी कड़ी में 28 मई को राहुल गांधी को मनाने के लिए कांग्रेस के कई बड़े नेता राहुल गांधी के आवास पर पहुंचे। जिसके बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राहुल गांधी से उनके आवास पर लगभग 45 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद यह माना जा रहा है कि नैतिक जिम्मेदारी के तौर पर राजस्थान में सत्ता में फेरबदल होना लगभग सुनिश्चित है। हार की नैतिक जिम्मेदारी के कारण राजस्थान में सत्ता को परिवर्तित किया जा सकता है। राहुल गांधी लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के सीनियर नेताओं से नाराज नजर आए।
हो सकता है सत्ता में फेरबदल
दरअसल राहुल गांधी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से ही कांग्रेस के सीनियर नेताओं से नाराज थे। कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने पूरा जोर अपने बेटों को और सगे संबंधियों को टिकट दिलवाने में लगाया। राहुल गांधी के मुताबिक इन लोगों ने कांग्रेस पार्टी की घोषणाओं का प्रचार जनता के बीच नहीं किया। जिन राज्यों में बीजेपी को हराकर कांग्रेस के सत्ता वापस पाई थी वहां पर तो कम से कम अच्छे परिणाम मिलने चाहिए थे। मगर वहां पर भी कांग्रेस को अच्छे परिणाम नहीं मिले। जिसके कारण अब राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की इस्तीफे की बात भी कही जा रही है। जोधपुर से अशोक गहलोत को बेटे वैभव का चुनाव हारना भी एक बड़ा मुद्दा बन गया।
पार्टी में है अंदरूनी कलह
लोकसभा चुनाव में हार के बाद कई तरह से पार्टी के अंदर खींचतान बढ़ गई है। राजस्थान में गुटबाजी शुरू हो गई है। सचिन पायलट के साथ मिलकर एक गुट प्रदेश में शीर्ष नेतृत्व के विरोध में उतर आया है और वह राहुल गांधी पर कार्रवाई करने का दबाव बना रहा है। राहुल गांधी भी इस समय किसी दूसरे कांग्रेस अध्यक्ष की मांग पर अड़े हुए हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



