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जानिए अनुच्छेद 370 पर किन दलों ने किया केंद्र सरकार का समर्थन और किसने किया विरोध

5 अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय के बाद जम्मू कश्मीर को स्पेशल राज्य का दर्जा देने वाली अनुच्छेद 370 अब समाप्त हो गई है। अनुच्छेद 370 के साथ होने के साथ साथ अनुच्छेद 35a स्वतः  ही समाप्त हो गया है। मगर इसका मतलब यह नहीं है कि संविधान से भी यह अनुच्छेद खत्म हो गए हैं। यह अनुच्छेद संविधान में तो बने रहेंगे मगर यह पूरी तरह से अप्रभावी होंगे। केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद पूरे देश में खुशी का माहौल है। मगर कुछ दल केंद्र सरकार का समर्थन तो कुछ केंद्र सरकार का विरोध करते हुए नजर आ रहे हैं। आज हम आपको उन्हीं दलों के बारे में बताएंगे कि आखिर कौन-कौन से दल अनुच्छेद 370 के समाप्त होने की खुशी मना रहे हैं और इन्हें अनुच्छेद के समाप्त होने का दुख है।

यह दल अनुच्छेद 370 समाप्त होने के पक्ष में है

अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद कुछ ऐसे दल केंद्र सरकार के समर्थन में खड़े हो गए जो कि राजनीतिक विचारधारा के तौर पर केंद्र सरकार के विरोधी माने जाते हैं। बहुजन समाज पार्टी जो कि चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के विरोध में हमेशा खड़ी रहती है। उसके सांसद सतीश चंद्र ने कहा कि हमारी पार्टी पूरी तरह से इस फैसले में नरेंद्र मोदी सरकार के साथ खड़ी हुई है। वहीं बात बात पर नरेंद्र मोदी सरकार को दोष देने वाले आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी जम्मू-कश्मीर पर लिए गए इस फैसले का समर्थन किया है। इस तरह संसद में बीजद, एआईएडीएमके, शिवसेना, बसपा, वाईएसआर कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, आप समेत 12 दलों ने सरकार का समर्थन किया है।

इन दलों ने किया है विरोध

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर पर लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय का कांग्रेस, माकपा, राजद, सपा समेत 9 दलों ने विरोध किया। वहीं जेडीयू, टीएमसी ने वॉकआउट किया और एनसीपी के सांसद गैरहाजिर रहे।

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जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय के बाद हम आपको बताएंगे किन दलों ने केंद्र सरकार का समर्थन किया है और किसने विरोध किया है।
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