राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट दोनों विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे
राजस्थान में विधानसभा चुनाव की वजह से की राजनीतिक मिट्टी काफी गर्म हो गई है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के लंबे आरोपों विवादों कहासुनी के बाद कांग्रेस ने अपनी चाल चली है । राजस्थान में लंबे समय से अनिश्चितता के बाद कांग्रेस ने यह गर्व से ऐलान किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट दोनों के दोनों इस बार विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले हैं ।
राजस्थान विधानसभा को मद्देनजर रखते हुए कांग्रेस ने यह घोषणा ठीक ऐसे समय पर की है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट 36 के आंकड़े की खबर आ रही थी । जो कि इन दोनों नेताओं के बीच मतभेद का बहुत बड़ा कारण है ।
कांग्रेस की तरफ से राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पंडितो का कहना है कि कांग्रेस ने अपनी तस्वीर को स्पष्ट करने में बहुत ही देर कर दी है । इससे कांग्रेस पार्टी का विधानसभा चुनाव में ही नहीं बल्कि आने वाले लोकसभा चुनाव में भी थोड़ा सा नुकसान हुआ है। मगर पार्टी ने इस बात को पूर्ण रूप से स्पष्ट नहीं किया है कि अगर आने वाले समय में कांग्रेस राजस्थान विधानसभा का चुनाव जीत जाती है तो उस स्थिति में राजस्थान की गति मुख्यमंत्री की गद्दी पर कौन बैठेगा। वही दूसरी तरफ सत्तारूढ़ बीजेपी इस मुद्दे पर कांग्रेस की खिल्ली उड़ाते हुए की कोशिश में है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के हर स्थिति पर चुटकियां लेने से बाज नहीं आ रहा है।
विधानसभा चुनाव के रणबांकुरो के ऐलान से जहां कांग्रेस में थोड़ी सी खुशी की लहर है। वहीं कांग्रेस के सियासी पटल पर छाया हुआ कोहरा थोड़ा सा दूर हुआ है। मगर राजस्थान की मुख्यमंत्री गद्दी पर कौन बैठेगा ( पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ) अभी भी यह एक प्रश्न चिन्ह बना हुआ है। गौरतलब है कि पिछले 2 महीनों से कांग्रेस में यह बात चल रही थी कि पार्टी के शीर्ष नेताओं को आने वाले चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। वही पार्टी के कुछ ज्ञानी नेता भी कहते हैं कि यह ऐसा इसलिए कहा जा रहा था ताकि अशोक गहलोत को विधानसभा चुनाव से दूर रखा जा सके।

