बिहार में प्रलयंकारी हुई बाढ़, कई रेलवे स्टेशन और ट्रैक डूबे; बचाव में उतरी सेना
लगातार बारिश से बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। सीमांचल, कोसी और उत्तर बिहार के जिलों में स्थिति भयावह हो गई है। जोगबनी, कटिहार और किशनगंज में कई रेलवे स्टेशन और ट्रैक डूब गए हैं। बिहार और नेपाल में हो रही भारी बारिश से बिहार की छोटी-बड़ी नदियां उफना रही हैं और कई तटबंध टूट गए हैं। उधर उत्तर प्रदेश में नदियां लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं। रविवार को श्रावस्ती में तीन और बाराबंकी में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। दूसरी ओर उत्तर बंगाल में भारी बारिश से अधिकांश जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। कूचबिहार, मालदा, उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में नदियां उफान पर हैं।
बिहार के बिगड़ते हालात से परेशान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर केंद्र की मदद मांगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री अरुण जेटली से भी बात की। इसके बाद बचाव और राहत कार्य के लिए सेना उतार दी गई। कोसी व सीमांचल के जिलों में हजारों घर डूबे हुए हैं और कई इलाकों में रेल, बिजली और दूरसंचार सेवा ठप है। कटिहार का पूर्वोत्तर के राज्यों से रेल संपर्क भंग हो गया है। पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जिले में राहत और बचाव कार्य में सेना लगाई गई है। उधर सुपौल में दीवार गिरने से दो और जमुई में एक व्यक्ति की मौत हुई है। सहरसा में डूबकर दो और अररिया व मधेपुरा जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।





